Media Bulletin-COVID-19 Department of Health & Family Welfare, Punjab

03rdJanuary 2021

Media Bulletin-COVID-19 Department of Health & Family Welfare, Punjab

1. Details of Samples and Cases:-

1Total Samples taken3955383
2Total Samples collected on the day17642
3Total Test Conducted19719
4Total No. of patients tested Positive167219
5No. of patients discharged158482
6Number of active Cases3361
7No. of Patients on oxygen support80
8Patients who are critical and on ventilator support9
9Total Deaths reported5376

On 03rd January 2021

1.Number of New patients on oxygen supportNIL
2.Number of New patients admitted in ICU07 (Ludhiana-6, Patiala-1)
3.Number of New patients put on ventilator support01 (Patiala-1)
4.Number of New patients discharged263 (Ludhiana-40, Jalandhar-31, Patiala-7,Amritsar- 40, Gurdaspur-9, Bathinda-28, Hoshiarpur- 25,Ferozepur-4, Pathankot-24,Kapurthala-17, Faridkot-9, Mukatsar-7,Fazilka-2, Ropar-10, FG Sahib-2, Barnala-3, SBS Nagar-2, Mansa-3)
5.Number of New deaths reported12 (Ferozepur-1, Gurdaspur-1, Hoshiarpur-2, Jalandhar-1, Mansa-1, Pathankot-2, Patiala-3, Ropar-1)

Patients reported Positive on 3rd January 2021- 210

DistrictNumber of CasesSource of Infection outside PunjabLocal CasesRemarks
Ludhiana26———-3 Contacts of Positive Cases, 8 New Cases (OPD), 11 New Cases (ILI), 1 New Case (HCW), 3 New Cases———-
Jalandhar16———-16 New Cases———-
Patiala28———-28 New Cases———-
SAS Nagar47———-———-Case details are pending as reports received late
Amritsar20———-11 Contacts of Positive Cases, 9 New Cases———-
Gurdaspur15———-3 Contacts of Positive Case, 12 New Cases———-
Bathinda12———-12 New Cases———-
Hoshiarpur5———-1 New Case (ILI), 2 Contacts of Positive Cases, 2 New Cases———-
Ferozepur1———-1 New Case———-
Pathankot3———-3 New Cases———-
Sangrur1———-———-Case details are pending as reports received late
Kapurthala1———-1 New Case———-
Faridkot3———-3 New Cases———-
Muktsar1———-1 New Case (OPD)———-
Fazilka3———-3 New Cases (OPD)———-
Moga1———-1 New Case———-
Ropar10———-10 New Cases———-
FG Sahib ——–——–———-
Barnala2———-2 New Cases———-
Tarn Taran ———-———-———-
SBS Nagar12———-1 New Case (ILI), 11 New Cases———-
Mansa3———-3 New Cases———-

Cumulative Cases:-

S. No.DistrictTotal Confirmed CasesTotal Active CasesTotal CuredDeaths
1.Ludhiana2487031823584968
2.Jalandhar2000331519044644
3.Patiala1582423115108485
4.SAS Nagar18304108816874342
5.Amritsar1456532613681558
6.Gurdaspur79681127603253
7.Bathinda91601978756207
8.Hoshiarpur7773897370314
9.Ferozepur4530334354143
10.Pathankot5744875501156
11.Sangrur4367274140200
12.Kapurthala4749814472196
13.Faridkot387556374574
14.Muktsar381731369096
15.Fazilka385547374068
16.Moga274728262693
17.Ropar33681033100165
18.FG Sahib2515272377111
19.Barnala228756216764
20.Tarn Taran2104111989104
21.SBS Nagar239555225783
22.Mansa239943230452
 Total16721933611584825376

*From Hoshiarpur 2 repeat case entries deleted

*From Patiala 1 repeat case entry deleted

Micro Containment Zones:-

s.noDistricts.no.MicrocontainmentsTotal population of the area contained
     
     
1Patiala1TejBagh Colony Around #1U43
 total  43
     
2Hoshiarpur1WARD NO.3 SHAM CHAURASI540
 total  540
     
3Jalandhar1Upkar Nagar111
 total  111
     
 GRAND TOTAL 3694

पंजाब को दिसंबर महीने दौरान 1067.21 करोड़ का जी.एस.टी. राजस्व हासिल हुआ, पिछले साल की अपेक्षा 5.77 प्रतिशत इज़ाफा

तीसरी तिमाही के दौरान राजस्व में 4.38 प्रतिशत वृद्धि हुई

चंडीगढ़, 3 जनवरी: पंजाब का दिसंबर 2020 महीने के दौरान कुल जी.एस.टी. राजस्व 1067.21 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल इसी महीने का कुल जी.एस.टी. राजस्व 1009.03 करोड़ था, जो कि पिछले साल की अपेक्षा 5.77 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

पंजाब के कर आयुक्त कार्यालय के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल से दिसंबर 2020 के दौरान पंजाब का कुल जी.एस.टी. राजस्व 7881.5 करोड़ रुपए था जबकि पिछले साल इन 9 महीनों के समय के दौरान कुल जी.एस.टी. राजस्व 9851.82 करोड़ रुपए था। इस तरह 20 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई है।

सरकारी प्रवक्ता ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि दिसंबर 2020 के महीने सुरक्षित राजस्व 2403 करोड़ है जिसमें से पंजाब राज्य ने 1067 करोड़ रुपए प्राप्त किये हैं, जो कि कुल सुरक्षित राजस्व का करीब 44.4 प्रतिशत बनता है। इस तरह दिसंबर 2020 के महीने के लिए बकाया मुआवज़े की राशि 1336 करोड़ है जो कि अभी तक प्राप्त नहीं हुई। इसी तरह अप्रैल से नवंबर 2020 के समय के दौरान मुआवज़े की राशि 8856 करोड़ रुपए बनती है जो कि बाकाया पड़ी है।

सरकारी प्रवक्ता ने आगे बताया कि राष्ट्रीय सकल जी.एस.टी. राजस्व संग्रह दिसंबर 2020 के महीने के दौरान 1,15,174 करोड़ रुपए है जबकि पिछले साल दिसंबर 2019 के महीने के दौरान राष्ट्रीय सकल जी.एस.टी.  राजस्व 1,03,184 करोड़ रुपए एकत्रित हुआ। इस तरह 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। उन्होंने आगे बताया कि तीसरी तिमाही (अक्तूबर से दिसंबर 2020) के समय के दौरान राष्ट्रीय सकल जी.एस.टी. राजस्व 3,25,292 करोड़ रुपए एकत्रित हुआ जबकि इसी समय के दौरान पिछले साल 2019 में 3,02,055 करोड़ रुपए एकत्रित हुआ था। इस तरह इस साल पिछले साल की अपेक्षा 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

जी.एस.टी. के अलावा पंजाब राज्य को वैट और सी.एस.टी. से भी टैक्स/राजस्व प्राप्त होता है। वैट और सी.एस.टी. एकत्रित करने में प्रमुख योगदान करने वाले उत्पाद शराब और पाँच पैट्रोलियम उत्पाद हैं। दिसंबर 2020 के महीने में वैट और सी.एस.टी. की कुलैक्शन 671.12 करोड़ रुपए है, जबकि पिछले साल दिसंबर 2019 के महीने के लिए यह कुलेक्शन 517.08 करोड़ रुपए थी। इस तरह इस साल पिछले साल के मुकाबले 29.79 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 

प्रवक्ता ने आगे बताया कि अप्रैल से दिसंबर 2020 के लिए वैट और सी.एस.टी. सकल राजस्व 4474.02 करोड़ रुपए रहा है जो कि पिछले साल के इसी समय के दौरान कुल राजस्व 4137.59 करोड़ रुपए था, जो कि 8.13 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

जी.एस.टी., वैट और सी.एस.टी. को अगर इक_े पढ़ा जाये तो दिसंबर 2020 दौरान कर की वसूली 1738.33 करोड़ रुपए थी जबकि पिछले साल दिसंबर 2019 के दौरान यही वसूली 1526.11 करोड़ रुपए थी। इस तरह दिसंबर महीने साल 2020 की वसूली बीते बरस की अपेक्षा 212.22 करोड़ रुपए (16 प्रतिशत) अधिक रही। इसी तरह तीसरी तिमाही (अक्तूबर -दिसंबर) के दौरान वसूली 5168.48 करोड़ रुपए हुई जबकि पिछले साल इसी समय के दौरान वसूली 4474.15 करोड़ रुपए हुई थी जोकि इस साल 15.51 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।

प्रवक्ता ने आगे बताया कि तीसरी तिमाही के दौरान औसतन जी.एस.टी. राजस्व में पिछले साल की तीसरी तिमाही के मुकाबले 4.38 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी जबकि दूसरी और पहली तिमाही में क्रमवार 11.06 प्रतिशत और 52.65 प्रतिशत कमी दर्ज हुई थी।

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पंजाब में जी.एस.टी. राजस्व संग्रह का तुलनात्मक अध्ययन:-

महीना 2019  2020

अप्रैल 1304.13 करोड़ 156.28 करोड़ रु

मई 998.13 करोड़ 514.03 करोड़

जून 950.36 करोड़ 869.66 करोड़ रु

जुलाई 1548.15 करोड़ 1103.31 करोड़

अगस्त 1014.03 करोड़ 987.20 करोड़ रु

सितंबर 974.96 करोड़ 1055.24 करोड़ रु

अक्तूूबर 929.52 करोड़ 1060.76 करोड़ रु

नवंबर 1122.93 करोड़ 1067.81 करोड़ रु

दिसंबर 1009.03 करोड़ 1067.21 करोड़ रु

 पंजाब के जीएसटी राजस्व संग्रह की तुलना (तिमाही वार) : –

 तिमाही 2019 2020 प्रतिशत वृद्धि/कमी

अप्रैल-जून (तिमाही-1) 3252.62 1539.97 -52.65

जुलाई-सितंबर (तिमाही-2) 3537.14 3145.75 -11.06

अक्तूबर-दिसंबर (तिमाही-3) 3061.48 3195.78 4.38

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केंद्र बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए मुफ्त कोविड वैक्सीन उपलब्ध करवाए – बलबीर सिद्धू

मोदी सरकार अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हट सकती

पंजाब में एक दिन में 4 लाख लोगों का टीकाकरण करने की क्षमता

पंजाब के पास राज्य के कोल्ड चेन स्टोरों में 1 करोड़ टीकों की मजबूत भंडारण क्षमता है

मुख्यमंत्री के घर-घर रोजगार योजना के तहत अकेले स्वास्थ्य विभाग में 10,049 भर्तियां की गईं

सरबत सेहत बीमा योजना के तहत 4,99,593 लाभार्थियों को 574.86 करोड़ रुपये की उपचार सेवाएं प्रदान की गईं

नशामुक्ति कार्यक्रम के तहत महामारी के दौरान 2 लाख से अधिक नए रोगियों (नशा पीडि़तों) ने मुफ्त इलाज के लिए दाखिला लिया

चंडीगढ़, 3 जनवरी: मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व में पंजाब राज्य ने कोविड-19 महामारी के प्रतिदिन के प्रबंधन के संबंध में तुरंत निर्णय लेने में बहुत ही सक्रियता दिखाई है और केंद्र सरकार को चाहिए कि यह पंजाब में निर्धारित समय में कोरोना वैक्सीन मुफ्त प्रदान करवाए। यह बात स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री बलबीर सिंह सिद्धू ने आज यहां चंडीगढ़ के पंजाब भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही।

श्री बलबीर सिद्धू ने कहा कि महामारी को नियंत्रित करने के लिए समय-समय पर कड़े कदम उठाए गए। अब, मोदी सरकार कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति करने के अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हट सकती। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 5364 कोविड से संबंधित दुर्भाग्यपूर्ण मौतें हुई हैं, जो प्रति मिलियन लगभग 178 मौतें हैं। दिल्ली में कुल 10,577 कोविड-19 से संबंधित मौतें हुईं हैं और इसकी प्रति मिलियन दर 528 मौतें हैं जो काफी अधिक है। हमारी स्थिति दूसरे राज्य की तुलना में काफी बेहतर है। पंजाब में स्वस्थ होने की दर 95 प्रतिशत है और सक्रिय मामलों में दिन-प्रतिदिन गिरावट आ रही है।

राज्य में टीकाकरण की तैयारियों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब टीकाकरण अभियान के लिए पूरी तरह से तैयार है और राज्य में एक दिन में 4 लाख लोगों को टीका लगाने की क्षमता है। इसके बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य ने अपने कोल्ड चेन सेंटरों में 1 करोड़ टीकों की मजबूत भंडारण क्षमता स्थापित की है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने बच्चों के नियमित टीकाकरण के 95 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य को भी हासिल किया है जो देश में सबसे अधिक है।

स्वास्थ्य विभाग में की गई प्रमुख भर्ती पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब के घर-घर रोजगार योजना के तहत पिछले 3 वर्षों में कुल 10,049 भर्तियाँ की गई हैं। उन्होंने कहा कि 649 विशेषज्ञ, 875 चिकित्सा अधिकारी, 960 स्टाफ नर्स और 2250 अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ को नियमित आधार पर भर्ती किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 833 विशेषज्ञों और चिकित्सा अधिकारियों और 4212 पैरा मेडिकल, 205 मंत्रालयिक कर्मचारियों और 14 वर्ग चार की भर्ती की गई है। इसके अलावा स्टेट हैल्थ एजेंसी के तहत 51 स्टाफ सदस्यों की भर्ती की गई है।

बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि भारत सरकार की मूल योजना आयुष्मान भारत के दायरे को एसईसीसी डेटा-2011 के अनुसार केवल 14 लाख परिवारों तक सीमित रखा गया था, जबकि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इन परिवारों की संख्या को लगभग 40 लाख तक बढ़ाने का फैसला किया। अब तक 4,99,593 लाभार्थियों को 574.86 करोड़ रुपये की इलाज सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं जिसका 418 करोड़ रूपए के प्रीमियम का भुगतान बीमा कंपनी को किया गया जा चुका है। 6246 हार्ट सर्जरी, 95,122 डायलिसिस, 9164 कैंसर का इलाज, 7497 नियो नटल और 3532 जॉइंट्स रिप्लेसमेंट निशुल्क किए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि महामारी के दौरान नशा पीडि़तों के लिए उपचार सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए राज्य के विभिन्न नशामुक्ति केंद्रों में 2 लाख से अधिक नए रोगियों (नशा पीडि़तों) ने महामारी के दौरान दाखिला लिया।

इस अवसर पर बोलते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य हुसन लाल ने कहा कि राज्य में लगभग 70 लाख लोगों का चरणबद्ध तरीके से टीकाकारण किया जाएगा, जिसमें 1.6 लाख स्वास्थ्य कर्मी, अन्य फ्रंटलाइन कर्मी, 50 वर्ष से अधिक आयु के लोग और सह-रोगों वाले 50 से कम आयु के लोग शामिल हैं। आयु के मानदंड 1 जनवरी, 2021 से माने जाएंगे। पहले चरण में सभी 1.6 लाख स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग की संपूर्ण उपलब्धि और प्रगति को मीडिया के साथ साझा किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (श्रम), वी.के. जंजुआ, सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, प्रबंध निदेशक पंजाब हैल्थ सिस्टम कार्पोरेशन तनु कश्यप, विशेष सचिव स्वास्थ्य अमित कुमार, स्वास्थ्य मंत्री के ओएसडी डॉ. बलविंदर सिंह, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. जीबी सिंह, निदेशक परिवार कल्याण डॉ. अंदेश कंग, निदेशक ईएसआई पंजाब डॉ. ओपी गोजरा, निदेशक खरीद डॉ. राजेश शर्मा, राज्य नोडल अधिकारी कोविड-19 डॉ. राजेश भास्कर और अन्य सेवा अधिकारी भी उपस्थित थे।

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हरसिमरत बादल काले खेती कानून लाने में अपनी शमूलियत से मुकर नहीं सकती – रंधावा

कैबिनेट में शमूलियत दस्तखतों से बड़ा सबूत

कांग्रेसी मंत्री ने हरसिमरत को बयान देने से पहले बड़े बादल से जानकारी लेने की सलाह दी

चंडीगढ़, 3 जनवरी: सीनियर कांग्रेसी नेता और कैबिनेट मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने हरसिमरत कौर बादल द्वारा खेती कानूनों संबंधी दिए भ्रामक बयान पर बोलते हुए कहा कि अकाली दल और बादल परिवार की बहु काले खेती कानून लाने में अपनी हिस्सेदारी से जितना मजऱ्ी टालमटोल कर ले परन्तु वह किसानी का गला घोटने के लिए अपनी शमूलियत से भाग नहीं सकेंगी।

हरसिमरत बादल द्वारा खेती ऑर्डीनैंसों पर अपने दस्तखत सिद्ध करने की चुनौती को खुलेआम कबूलते हुए स. रंधावा ने कहा कि जब कैबिनेट मीटिंग में समूचा फ़ैसला लिया जाता है तो इसमें शामिल समूह मंत्रियों की सहमति दस्तखतों से बड़ा सबूत होती है। उन्होंने चुटकी लेते हुए हरसिमरत बादल को स्पष्ट करने के लिए कहा कि अपने छह साल केंद्रीय मंत्री के कार्यकाल के दौरान केंद्रीय कैबिनेट की तरफ से किये फ़ैसलों पर किस आधार पर वाह-वाह लूटती रहीं। उन्होंने साथ ही सलाह दी कि यह बयान देने से पहले अपने ससुर साहिब से पूछ लेना चाहिए था कि कैबिनेट की तरफ से लिए गए फ़ैसलों में मंत्रियों की सहमति होती है या नहीं। उन्होंने कहा कि इस मामले में पाँच बार मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल ज़्यादा अच्छी तरह समझा सकते हैं।

सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने हरसिमरत को सवाल करते हुए कहा कि काले खेती ऑर्डीनैंस लाने के बाद इसकी तरफ़दारी के लिए बादल परिवार द्वारा बांधे गए तारीफों के पुलों बारे भी वह अपना स्पष्टीकरण दें। जून 2020 में ऑर्डीनैंस पास करने के बाद हरसिमरत बादल की तरफ से जहाँ इसके हक में इंटरव्यूज़ दिए गए वहीं बड़े बादल  से भी इसके हक में बयान दिलाया गया।

कांग्रेसी नेता ने कहा कि बादल परिवार काले खेती कानून लाने में अपनी शमूलियत से मुकर नहीं सकता और हरसिमरत का झूठा प्रचार अकाली दल द्वारा किसानों के साथ किए गए विश्वासघात से नहीं बचा सकता।

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