मण्डी मध्यस्थता योजना के अन्तर्गत सरकार द्वारा आम के प्रापण को स्वीकृति

19th July 2018: राज्य सरकार ने वर्ष 2018 के लिए आम के फलों के लिए मण्डी मध्यस्थता योजना के अंतर्गत आम के प्रापण को स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना के अन्तर्गत 250 मीट्रिक टन गुठलीदार, 200 मीट्रिक टन कलमी तथा 50 मीट्रिक टन आचारी आमों की किस्मों का प्रापण क्रमशः 7 रुपये तथा 6 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से किया जाएगा।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि यह प्रापण एचपीएमसी तथा हिमफैड के माध्यम से क्रेटों में किया जाएगा और इन एजेंसियां को 1.30 रुपये प्रति किलोग्राम हैंडलिंग चार्जिज की अनुमति होगी। पिछले वर्ष की भांति गुठलीदार फलों, कलमी और आचारी आम का औसत विक्रय मूल्य क्रमशः 2000 रुपये, 3000 और 2000 प्रति मीट्रिक टन आंका गया है।
प्रवक्ता ने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत एचपीएमसी और हिमफैड के सहयोग से 34 फल एकत्रण केन्द्र खोले जाएंगे तथा पिछले तीन से पांच वर्षों  के प्रापण आंकड़ों को आधार माना जाएगा। यह केन्द्र प्रापण एजेंसियों द्वारा आवश्यकता के अनुसार खोले जाएंगे तथा इनका संचालन एचपीएमसी और हिमफैड के कर्मियों द्वारा किया जाएगा।
योजना के अन्तर्गत 2.5 प्रतिशत अतिरिक्त फलों का वजन के आधार पर प्रापण उन किसानों/बागवानों द्वारा किया जाएगा, जिनके पास 10 बीघा और इससे कम भूमि आम उत्पादन के अन्तर्गत होगी। अन्य किसी भी फल का प्रापण ठेकेदार से नहीं किया जाएगा।
प्रवक्ता ने कहा कि यह योजना तत्काल प्रभाव से 15 अगस्त, 2018 तक प्रभावी  रहेगी।

 

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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