उत्तर प्रदेश समाचार (सितंबर माह की रिपोर्ट)
मुख्यमंत्री ने एम पासपोर्ट पुलिस मोबाइल एप का शुभारम्भ किया
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि एम पासपोर्ट पुलिस मोबाइल एप का शुभारम्भ तकनीक के माध्यम से सामान्य नागरिक की समस्या के समाधान का उत्कृष्ट प्रयास है। इससे पासपोर्ट निर्गमन हेतु पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में लगने वाले समय में कमी आएगी। यह कार्य त्वरित, समयबद्ध व पारदर्शी ढंग से सम्पन्न किया जा सकेगा। पूर्व विदेश मंत्री स्व0 श्रीमती सुषमा स्वराज द्वारा प्रारम्भ किए गए कार्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि एप के माध्यम से पुलिस वेरिफिकेशन का कार्य न्यूनतम अवधि में सम्पन्न होगा तथा अल्प समय में पासपोर्ट जारी किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे ही प्रयास होने चाहिए। पुलिस वेरिफिकेशन के अन्य प्रकरणों यथा नौकरी आदि के लिए भी ऐसी ही त्वरित, समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी प्रक्रिया अपनायी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री जी यहां अपने सरकारी आवास पर ह्यएम पासपोर्ट पुलिस मोबाइल एपह्ण के शुभारम्भ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। ह्यएम पासपोर्ट पुलिस मोबाइल एपह्ण के शुभारम्भ के पश्चात मुख्यमंत्री जी ने पुस्तिका ह्यप्रवासी कामगारों के लिए महत्वपूर्ण जानकारीह्ण का विमोचन भी किया। जनकल्याणकारी शासन का उद्देश्य आमजन तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और निर्बाध ढंग से पहुंचाना है। तकनीक के माध्यम से किसी भी कार्य को अत्यन्त सरल और सहज बनाया जा सकता है। इससे कार्यों की गुणवत्ता भी बढ़ती है। प्रधानमंत्री जी ने सदैव इस बात पर ध्यान दिया है कि विभिन्न कार्यों को तकनीक के माध्यम से पारदर्शी और त्वरित ढंग से सम्पन्न किया जाए। उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में विगत पांच वर्षों में इस दिशा में निरन्तर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य में विगत ढाई वर्ष में तकनीक के प्रयोग से हुए परिवर्तन और जनता को प्राप्त हो रही सुविधा को महसूस किया जा सकता है। पूर्व में, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत वास्तविक लाभार्थी तक राशन की उपलब्धता नहीं हो पाती थी। वर्तमान राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को तकनीकी से लैस कर सुदृढ़ बनाया है। प्रदेश की 80 हजार राशन की दुकानों पर ई-पॉस मशीनों की व्यवस्था की गई है। इससे 15 करोड़ लाभार्थियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने से कोई भी राशन कार्ड धारक अपनी सुविधा के अनुसार क्षेत्र की किसी भी दुकान से खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है। इस तकनीकी व्यवस्था के प्रयोग से न केवल सभी वास्तविक लाभार्थियों तक राशन की पहुंच सुनिश्चित की गई है, बल्कि राज्य सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 800 करोड़ रुपए की बचत भी हो रही है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आमजन को शासन की योजनाओं का लाभ त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से प्राप्त होने पर, व्यवस्था के साथ उनका विश्वास दृढ़ होता है। इससे प्रधानमंत्री जी का ह्यसबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वासह्ण का संकल्प भी साकार होता है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी ने लखनऊ में पासपोर्ट कार्यालय के विस्तार की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व विदेश मंत्री स्व0 श्रीमती सुषमा स्वराज द्वारा प्रारम्भ किए गए नागरिक केन्द्रित सुविधाओं को आगे बढ़ाने में गृह विभाग हर सम्भव सहायता करेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 11 लाख पासपोर्ट निर्गत होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पासपोर्ट उपलब्धता की दर 05 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 07 प्रतिशत है। राज्य में पासपोर्ट उपलब्धता की दर 10 प्रतिशत करने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के प्रति जीरो टॉलरेन्स की नीति है। इसके तहत समस्त अधिकारी प्राप्त होने वाली शिकायतों पर सख्त कार्रवाई करें। पुलिस महानिदेशक श्री ओ0पी0 ंिसंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की प्रेरणा से पुलिस में नागरिक सुविधाओं में वृद्धि के लिए नई तकनीकी के प्रयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। तकनीकी के प्रयोग से डायल-100 के रिस्पॉन्स टाइम में कमी आयी है। एम-पासपोर्ट पुलिस मोबाइल एप के माध्यम से तीन दिनों में पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट प्रदान करने के लक्ष्य के साथ कार्य किए जाने की आवश्यकता है, ऐसा सम्भव होने पर ही एप की सार्थकता है। कार्यक्रम के प्रारम्भ में विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने पासपोर्ट उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं तथा एम-पासपोर्ट पुलिस मोबाइल एप के सम्बन्ध में एक प्रस्तुतिकरण भी दिया। इस मौके पर एम-पासपोर्ट पुलिस मोबाइल एप के प्रयोग के सम्बन्ध में आज प्रशिक्षित किए गए विभिन्न जनपदों के नोडल अधिकारी पासपोर्ट में से एक अधिकारी श्री अभिषेक ने अपने अनुभव साझा किए। पासपोर्ट के 02 आवेदकों, सुल्तानपुर के श्री समीर राय एवं कानपुर की सुश्री मनप्रीत कौर ने भी अपने अनुभव बताए।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक इंटेलीजेंस श्री भावेश कुमार, विदेश मंत्रालय के निदेशक पासपोर्ट सहित क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, लखनऊ, गाजियाबाद, बरेली तथा विभिन्न जनपदों के नोडल अधिकारी पासपोर्ट उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री से भारतीय विदेश सेवा के अधिकारियों ने भेंट की
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से उनके सरकारी आवास पर भारतीय विदेश सेवा के अधिकारियों ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को प्रदेश की विकास प्रक्रिया से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह जिन देशों में तैनात हैं, वहां के निवेशकों और उद्यमियों को राज्य में आगामी फरवरी, 2020 में आयोजित हो रहे डिफेंस एक्सपो में सम्मिलित होने के लिए प्रोत्साहित करें। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य में होने वाले उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावासों को भी भेजी जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास की अपार सम्भावनाएं हैं। वर्तमान राज्य सरकार इन्हें मूर्तरूप देने के लिए सतत् प्रयत्नशील है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में ई-पॉस मशीनों के इस्तेमाल से 15 करोड़ वास्तविक लाभार्थियों को खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित की है। इन मशीनों के प्रयोग से प्रदेश सरकार को लगभग 800 करोड़ रुपए की बचत भी हो रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने विगत ढाई वर्षों में 25 लाख आवास गरीब परिवारों को उपलब्ध कराए हैं। साथ ही, स्वच्छ भारत मिशन के तहत 02 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूर्वान्चल के गोरखपुर और बस्ती मण्डल जे0ई0/ए0ई0एस0 से गम्भीर रूप से प्रभावित रहते थे। राज्य सरकार के सतत् प्रयासों से इस बीमारी से होने वाली मृत्यु की दर में 90 प्रतिशत से अधिक की कमी आयी है। विगत ढाई वर्ष में राज्य निवेशकों और उद्यमियों के लिए आकर्षक गंतव्य बनकर उभरा है। इस अवधि में राज्य में 02 लाख करोड़ रुपए का निवेश हुआ है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन की असीम सम्भावनाएं हैं। प्रयागराज कुम्भ-2019 इसका बहुत बड़ा उदाहरण है। इस आयोजन में 24 करोड़ 56 लाख लोग सम्मिलित हुए। 187 देशों के प्रतिनिधि इस आयोजन में आए। 72 देशों के राजदूतों ने कुम्भ परिक्षेत्र में अपने राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किए। उन्होंने कहा कि कुम्भ के दौरान गंगा जी की निर्मलता और अविरलता ने श्रद्धालुओं और स्नानार्थियों को प्रभावित किया। इतने बड़े आयोजन में उपलब्ध कराए गए सुरक्षा, सुव्यवस्था और स्वच्छता के वातावरण की सभी ने प्रशंसा की। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में आयोजित 15वां प्रवासी भारतीय दिवस अब तक के सबसे सफल आयोजनों में से एक है। यह सभी आयोजन उत्तर प्रदेश के अधिकारियों, कर्मचारियों की क्षमता से सम्भव हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर की स्थापना की कार्यवाही संचालित है। राज्य सरकार 640 कि0मी0 लम्बाई के एक नये एक्सप्रेस-वे की स्थापना भी कर रही है। इसके सर्वे का कार्य अपने अंतिम चरण में है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव नियुक्ति श्री मुकुल सिंघल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में वाई0पी0ओ0 के दिल्ली चैप्टर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उद्यमियों को सम्बोधित किया
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने नई दिल्ली में वाई0पी0ओ0 के दिल्ली चैप्टर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश की अपार सम्भावनाएं मौजूद हैं, जिन्हें राज्य सरकार सही वातावरण देकर प्रदेश को 01 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर में व्यापक सुधार के चलते प्रदेश में 02 लाख करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव जमीन पर उतारे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य के विकास को आज जो तेज गति मिली है, यह बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुदृढ़ कानून व्यवस्था का ही परिणाम है। आज उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी बहुत बेहतर हुयी है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर तेजी से काम चल रहा है और अगस्त 2020 तक इसका कार्य पूरा होने की सम्भावना है। इसके अलावा, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे पर भी जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य की आर्थिक विकास की गति को और तेज करने के लिए आई0आई0एम0 के विशेषज्ञों की भी सहायता ले रही है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री जी ने अपनी टीम के साथ आई0आई0एम0 के विशेषज्ञों के साथ इन्हीं मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जिस गति से आगे बढ़ रहा है, उसको देखते हुए प्रदेश वर्ष 2024 तक 01 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में कड़े कदम उठाए हैं। आज प्रदेश के अपराधियों और भ्रष्टाचारियों में कानून का जो डर है, उसकी वजह से उद्यमियों को काफी राहत है और वह अपने निवेश को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमी सरकार से उनके निवेश की सुरक्षा के लिए बेहतर कानून व्यवस्था की अपेक्षा करते हैं। राज्य सरकार द्वारा कानून व्यवस्था से सम्बन्धित उद्यमियों की अपेक्षाओं को पूरा करने का हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की कनेक्टिविटी बढ़ाने पर तेजी से काम कर रही है। उत्तर प्रदेश में मार्च 2017 में सिर्फ 02 शहरों में एयरपोर्ट थे। आज इनकी संख्या बढ़कर 06 हो चुकी है। इसके अलावा, 11 नए एयरपोर्ट के निर्माण पर काम चल रहा है। मेट्रो रेल सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में भी कई जिलों में काम चल रहा है। राज्य सरकार हर जनपद मुख्यालय को फोर लेन राजमार्ग से जोड़ने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इसके अलावा, ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर दादरी के पास मिलते हैं, जिसके पास प्रदेश सरकार एक लॉजिस्टिक्स पार्क बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस साल राज्य सरकार ने प्रदेश में तीन सफल आयोजन किए हैं। प्रयागराज में कुम्भ-2019 का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन किया। प्रयागराज कुम्भ का सफल आयोजन हमारे लिए उपलब्धि है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में इस बार कुम्भ में टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया गया और इसे वैश्विक स्तर पर सफल बनाया। 15वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन का भी वाराणसी में सफल आयोजन सम्पन्न हुआ। इसके अलावा, इसी वर्ष लोकसभा चुनाव में 1.63 लाख बूथों पर चुनाव सम्पन्न कराया और कहीं भी कोई भी हिंसा की घटना नहीं हुई। यूपी में पहले चुनौतियां ज्यादा थी। राज्य सरकार के प्रयासों से आज उत्तर प्रदेश को नई पहचान मिली है। हमने चुनौतियों को सफलता में बदला दिया है। क्राइम के मुद्दे पर जीरो टॉरलेंस नीति का नतीजा है कि आज सबसे अच्छी कानून व्यवस्था की स्थिति उत्तर प्रदेश की है। उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जिस प्रकार आज भारत दुनिया में निवेश का गंतव्य है, उसी प्रकार देश के अन्दर उत्तर प्रदेश निवेश का सबसे पहला गंतव्य है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 21 सेक्टरों में निवेश के लिए पॉलिसी बनायी है। केन्द्रीय वित्त मंत्रालय की पहल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को 05 ट्रिलियन और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 01 ट्रिलियन बनाने में सफलता मिलेगी। पूरे एशिया में सबसे कम टैक्स रेट होने से यहां के उद्यमी अपना माल आसानी से निर्यात कर सकेंगे। आज प्रदेश ने निर्यात के मामले में काफी बढ़त दर्ज की है।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ तथा अतिवृष्टि के दृष्टिगत सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को पूरी तत्परता से समस्त राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने बाढ़ और अतिवृष्टि के दृष्टिगत सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को पूरी तत्परता से समस्त राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्य पर नजर रखें। मुख्यमंत्री जी ने यह निर्देश भी दिए कि अतिवृष्टि से मृत्यु होने की स्थिति में मृतक के आश्रितों को 24 घंटे के अंदर 04 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाय। ज्ञातव्य है कि अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार तेज बारिश से जनपद चंदौली में 03 व्यक्तियों, जनपद अमेठी तथी भदोही में 02-02 व्यक्तियों तथा जनपद अयोध्या और वाराणसी में 01-01 व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। मुख्यमंत्री ने घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि जल जमाव की स्थिति में प्राथमिकता पर जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए।
मुख्यमंत्री की भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधिमण्डल से भेंट
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि राज्य सरकार के लिए किसानों का हित सर्वाेपरि है। प्रदेश सरकार किसानों की खुशहाली तथा कृषि विकास के लिए गम्भीरता से कार्य कर रही है। किसानों की समस्याओं का समाधान प्रदेश सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री जी यहां आज अपने सरकारी आवास पर भारतीय किसान यूनियन के एक प्रतिनिधिमण्डल के साथ भेंट कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने मंत्रिपरिषद की प्रथम बैठक में प्रदेश के लघु और सीमान्त किसानों के एक लाख रुपये तक के फसली ऋण माफ करने का निर्णय लेते हुए किसान हित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट कर दी थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार किसानों की आय दोगुना करने के लिए सतत् प्रयासरत है। इसके दृष्टिगत, किसानों को समर्थन मूल्य से अधिक कीमत दी जा रही है। प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दैवीय आपदाओं से प्रभावित किसानों को समय से मुआवजा राशि उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार कृतसंकल्पित है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अतिवृष्टि से किसानों की फसलों को हुई क्षति का सर्वे कराकर अतिवृष्टि की क्षतिपूर्ति की धनराशि प्रभावित किसानों को उपलब्ध करायें। सर्वे तथा मुआवजा राशि के वितरण की पूरी प्रक्रिया अभियान चलाकर प्रत्येक दशा में 15 दिन में पूरी की जाए। मुख्यमंत्री जी ने मण्डल स्तर पर पशु आरोग्य मेला आयोजित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी मण्डलों में पशु आरोग्य मेले सुव्यवस्थित रूप से आयोजित किये जाएं और इस सम्बन्ध में व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा पशुपालक एवं किसान इनमें शामिल हो सकें। इन आयोजनों में पशुपालकों को पशुओं को रोग मुक्त करने, पशुओं के पौष्टिक आहार, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के सम्बन्ध में उपयोगी जानकारी दी जाए तथा पशुओं के उपचार व टीकाकरण की भी व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना किसानों के हितों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चीनी मिलें ठीक से संचालित हों, इसके लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाकर उसे लागू करें। उन्होंने सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों द्वारा गन्ना मूल्य की लम्बित धनराशि का तत्काल भुगतान किये जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि ऊर्जा विभाग को-जनरेशन प्लाण्ट से उत्पादित विद्युत की धनराशि का चीनी मिलों को अविलम्ब भुगतान सुनिश्चित कराये। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसानों को टैज्क्टर-ट्रॉली से खाद्यान्न, गन्ना एवं चारा की ढुलाई में मोटर परिवहन एक्ट के तहत कोई परेशानी न हो।

मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में यहां लोक भवन में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-
राज्य स्मार्ट सिटी मिशन की गाइडलाइन्स पर मेरठ, गाजियाबाद, अयोध्या, फिरोजाबाद, गोरखपुर, मथुरा-वृन्दावन एवं शाहजहांपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जाने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के 07 नगर निगमों (मेरठ, गाजियाबाद, अयोध्या, फिरोजाबाद, गोरखपुर, मथुरा-वृन्दावन एवं शाहजहांपुर) को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जाने के लिए राज्य स्मार्ट सिटी मिशन की गाइडलाइन्स पर अनुमोदन प्रदान कर दिया है।
वर्तमान में प्रदेश में 17 नगर निगम हैं। इनमें से 10 नगर निगमों यथा-लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, अलीगढ़, बरेली, झांसी, सहारनपुर एवं मुरादाबाद में केन्द्र एवं राज्य सरकार के 50:50 प्रतिशत (मैचिंग ग्राण्ट) धनराशि के अंशदान के माध्यम से स्मार्ट सिटी मिशन योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी द्वारा बजट 2019-20 पर चर्चा के समय मा0 सदन की कार्यवाही के दौरान शेष 07 नगर निगमों यथा-मेरठ, गाजियाबाद, अयोध्या, फिरोजाबाद, गोरखपुर, मथुरा-वृन्दावन एवं शाहजहांपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जाने की घोषणा की गई थी।
पर्याप्त जलापूर्ति, सुनिश्चित विद्युत आपूर्ति, ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन सहित सफाई, सक्षम शहरी गतिशीलता और सार्वजनिक परिवहन, सक्षम आई0टी0 कनेक्टिविटी और डिजिटलाइजेशन, सुशासन, विशेषत: ई-गवर्नेन्स और नागरिक भागीदारी, स्वच्छ पर्यावरण, विशेषत: महिलाओं, बच्चों और वृद्ध नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा इत्यादि राज्य स्मार्ट सिटी के प्रमुख अवसंरचना में सम्मिलित हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2019-20 में राज्य स्मार्ट सिटी के विकास के लिए आय-व्ययक में 175 करोड़ रुपये की व्यवस्था कराई गई है। प्रत्येक राज्य स्मार्ट सिटी के लिए 50 करोड़ रुपये की धनराशि प्रतिवर्ष उपलब्ध कराई जानी है।
खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत मक्का क्रय नीति का प्रस्ताव अनुमोदित
मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत मक्का क्रय नीति के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान कर दिया है। मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1760 रुपये प्रति कुन्तल निर्धारित है। मक्का का क्रय लक्ष्य 01 लाख मी0 टन रखा गया है। मक्का क्रय अवधि 15 अक्टूबर, 2019 से 15 जनवरी, 2020 तक होगी।
मक्का की खरीद प्रदेश के 22 जनपदों-अलीगढ़, फिरोजाबाद, कन्नौज, एटा, मैनपुरी, कासगंज, बदायूं, बहराइच, फरूर्खाबाद, इटावा, हरदोई, कानपुर नगर, जौनपुर, कानपुर देहात, उन्नाव, गोण्डा, बलिया, बुलन्दशहर, ललितपुर, श्रावस्ती, हापुड़ एवं देवरिया में की जाएगी। मक्का विक्रय से पूर्व कृषक का पंजीयन तथा आॅनलाइन मक्का क्रय की प्रक्रिया अनिवार्य की गई है। मक्का की उतराई, छनाई, सफाई इत्यादि के खर्च के मद में कृषकों को अधिकतम 20 रुपये प्रति कुन्तल की दर से भुगतान किया जाएगा।
किसानों से मक्का की खरीद जोतबही/खाता नं0 अंकित कम्प्यूटराइज खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र, यथासम्भव आधार कार्ड के आधार पर तथा चकबन्दी ग्रामों में चकबन्दी सम्बन्धी संगत भू-लेख के आधार पर मक्का क्रय किया जाएगा। किसानों को मक्का के मूल्य का भुगतान आॅनलाइन आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से मक्का क्रय के 72 घण्टे के अन्दर उसके बैंक खाते में किया जाएगा। चेक के माध्यम से भुगतान को मान्यता नहीं दी जाएगी।
नवस्थापित मेडिकल कॉलेज, जौनपुर को स्वशासी माध्यम से संचालन हेतु सोसाइटी गठित करने के सम्बन्ध में
मंत्रिपरिषद ने जनपद जौनपुर में नवस्थापित मेडिकल कॉलेज को स्वशासी माध्यम से संचालन हेतु सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम-1860 के अन्तर्गत सोसाइटी गठित करने का निर्णय लिया है। साथ ही, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के निमित्त सोसाइटी गठन के मेमोरेण्डम व बायलॉज को अनुमोदित कर दिया है।
ज्ञातव्य है कि जनपद जौनपुर में मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य हेतु शासनादेश दिनांक 12 जनवरी, 2015 द्वारा प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। निर्माण कार्य प्रगति पर है। मेडिकल कॉलेज हेतु प्रधानाचार्य एवं शैक्षणिक संवर्ग के 47 पदों का सृजन किया जा चुका है तथा गैर-शैक्षणिक संवर्ग पदों के सृजन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
सोसाइटी के गठन से मेडिकल कॉलेज, जौनपुर के स्तर पर निर्णय की स्वायत्तता में वृद्धि होगी तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लेने में लचीलापन आएगा। मेडिकल कॉलेज, जौनपुर को स्वायत्तता मिलने से शिक्षकों को नवस्थापित मेडिकल कॉलेज, जौनपुर में कार्य करने हेतु आकर्षित किया जा सकेगा।
वर्तमान में राजकीय मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सा शिक्षकों एवं नर्सेज का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग तथा पैरा-मेडिकल स्टाफ का चयन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से किया जाता है। इस चयन/नियुक्ति की प्रक्रिया में लगभग डेढ़ से 02 वर्ष का समय लगने के साथ ही समेकित भर्ती होने से छोटे शहरों में स्थित नए मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी द्वारा प्राय: योगदान नहीं किया जाता है, जिससे पठन-पाठन का कार्य प्रभावित होता है।
उल्लेखनीय है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा केन्द्र सहायतित योजना (फेज-1) के अन्तर्गत नवस्थापित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय जैसे-अयोध्या, बस्ती, बहराइच, फिरोजाबाद एवं शाहजहांपुर को सोसाइटी के माध्यम से सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। नवस्थापित मेडिकल कॉलेज, जौनपुर में फैकल्टी तथा नॉन फैकल्टी के पदों पर भर्ती/नियुक्ति आदि की प्रक्रिया तीव्रगति से सम्पन्न किए जाने हेतु सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम-1860 के अधीन सोसाइटी के गठन का निर्णय लिया गया है।
जनपद कुशीनगर में राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना हेतु राजस्व विभाग की भूमि को चिकित्सा शिक्षा विभाग को नि:शुल्क हस्तान्तरित किये जाने के सम्बन्ध में
मंत्रिपरिषद ने जनपद कुशीनगर में राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना हेतु जनपद के ग्राम-रामपुर तप्पा-चैराबड़गांव, परगना-सिधुआ जोवना, तहसील-पड़रौना स्थित खतौनी खाता संख्या-00361 के गाटा संख्या-478, रकबा 1.50 एकड़, गाटा संख्या-479 रकबा 0.51 एकड़, गाटा सं0-480 रकबा 1.87 एकड,़ गाटा सं0-481 रकबा 2.19 एकड़, गाटा सं0-556 रकबा 3.26 एकड़, गाटा सं0-557 रकबा 1.70 एकड़, गाटा सं0-558 रकबा 1.50 एकड़, गाटा सं0-567 रकबा 1.38 एकड़ कुल 08 गाटा रकबा 13.91 एकड़ राजस्व विभाग की भूमि को चिकित्सा शिक्षा विभाग को नि:शुल्क हस्तान्तरित किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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