जलवायु परिवर्तन अनुकूलन तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की आवश्यकता पर बल

 1st August 2018: भारत-जर्मन द्विपक्षिय परियोजना ‘भारत के भारतीय ग्रामीण क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन’ के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश में जलवायु परिवर्तन एवं सत्त विकास, जो हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही है, पर व्याख्यान की लोकप्रिय श्रृंखला ‘वी 4 क्लाईमेट’ का आयोजन आज शिमला में किया गया। आगामी दिनों में शिमला के अलावा व्याख्यान सोलन, नाहन तथा पालमपुर में भी आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तरूण कपूर ने कहा कि व्याख्यान श्रृंखला का उद्देश्य संवाद और ज्ञान विनिमय तथा हितधारकों के व्यापक समुदाय के मध्य साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करना है, जिसमें शोधकर्ताओं, चिकित्सकों, नीति निर्माताओं और जनता के साथ जलवायु परिवर्तन चुनौतियों और अनुकूलन के बारे में ज्ञान साझा करना है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा जल संरक्षण व नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने तथा इसके अधिकतम उपयोग पर बल दिया।
निदेशक जी.आई. जैड-जर्मनी आशीश चतुर्वेदी ने राज्य में जलवायु परिवर्तन के जोखिम कम करने में जीआईजैड के विभिन्न प्रयासों पर प्रकाश डाला।
निदेशक पर्यावरण शिक्षा अहमदावाद, पदम श्री कार्तिकेय वी. सरभाई ने जलवायु परिवर्तन के विपरीत प्रभावों का सामना करने के लिए समुदायों को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा की भूमिका पर प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी तथा संसाधनों का अधिक उपयोग पर्यावरण के लिए नुकसान का मुख्य कारण है।
महानिदेशक विज्ञान एवं पर्यावरण केन्द्र, नई दिल्ली, पदम श्री सुनीता नारायण ने कहा कि जलवायु परिवर्तन भावी नहीं बल्कि यह वर्तमान मुददा है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन हो रहा है और विभिन्न अध्ययनों से परिणामों के बारे में भी हम सब अवगत है। उन्होंने गरमियों के दौरान वनों में आगजनी की घटनाएं तथा देश में धूल-मिट्टी के तूफानों पर चिन्ता व्यक्त की। उन्होंने थर्मोकोल तथा प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए राज्य के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जलवायु परिवर्ततन अनुकूलन की दिशा में काम करने का एक उदाहरण है।
भारतीय मौसम विभाग के उप महानिदेशक डॉ. आन्नद कुमार ने द्वितीय सत्र में जलवायु परिवर्तन चुनौतियों को समझने में भारत तथा हिमाचल प्रदेश के प्रयासों पर चर्चा की।
पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के निदेशक डी.सी. राणा ने अतिथियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम की जानकारी दी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल खाची और डॉ. श्रीकान्त बाल्दी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुण्डू और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस असवर पर उपस्थित थे।

 

Categories: Uncategorized

cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *