Health Article by Dr. Rajiv Kapila

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घरेलु उपचार के माध्यम से सामान्य सर्दी जुकाम का प्रबंधन

आयुर्वेद के अनुसार सर्दी, बुखार और खांसी से बचने के लिए कई घरेलू उपचार भी अपनाए जा सकते हैं। ठंड लगने पर लौंग, तुलसी, काली मिर्च और अदरक से बनी चाय, खांसी, सर्दी, जुकाम के लिए ‘रामबाण’ का काम करती है। इन बीमारियों का मुख्य कारण वायरस का बढ़ता प्रसार होता है। जुकाम एक संक्रामक बीमारी है, जो बहुत जल्दी बढ़ती है। यह बीमारी बहती नाक, बुखार, सुखी या गीली खांसी अपने साथ लाती है, जो श्वसन तंत्र पर अचानक हमला करता है। कई परस्थितियों में घरेलु स्तर पर ही इनका इलाज किया जा सकता है।
सामान्य सर्दी जुकाम
सर्दी अथवा जुकाम अपेक्षाकृत हानिरहित रोग होते हंै। यह पूरे साल कभी भी हो सकते हैं मगर सबसे ज्यादा यह सर्दी में होते हैं। यह बच्चों में सबसे ज्यादा होते हैं। यह रोग श्वसन संस्थान के कई अन्य समस्याओं को उत्पन्न करने का कारण बन सकते हंै। इसे सामान्य सर्दी कहा जाता है क्योंकि इस बीमारी में किसी अन्य बीमारी की अपेक्षा अधिक ठंड महसूस होती है। हालांकि इसे उपेक्षित नहीं किया जाना चाहिए।
सर्दी के सामान्य लक्षण:-
-बंद नाक, गले में खराश, छींक, थकान, मांस-पेशियों में दर्द, भूख न लगना, खांसी, सिर-दर्द, ठंड के साथ हल्का बुखार।
सामान्य उपचार
1. सर्दी और फ्लू में तुलसी के पत्ते को बराबर मात्रा में अदरक के चूर्र्ण के साथ मिला कर पीना एक उत्कृष्ट विकल्प है।
2. अदरक का रस, तुलसी का रस और शहद तीनों को एक-एक चम्मच की मात्रा में मिलाकर दिन में दो या तीन बार पीना चाहिए।
3. आधा चम्मच काली मिर्च के चूर्ण को गुड़ के साथ दिन में दो बार लिया जाना चाहिए।
4. अदरक के छोटे छोटे टुकड़ों को घी में भूनकर दिन में दो बार लिया जाना चाहिए।
5. एक चम्मच हल्दी के चूर्ण को घी में भूनकर एक कप गुनगुने दूध के साथ दिन में तीन बार लेना चाहिए।
6. गले में खराश की स्थिति में गर्म पानी में हल्दी चूर्ण मिला कर दिन में दो से तीन बार कुल्ला करना चाहिए।
7. एक गिलास गर्म पानी में दो नींबू का रस और स्वादानुसार चीनी मिला कर पीएं। इसको रात में सोते समय लेने से सर्दी में आराम मिलता है।
8. दो से तीन चम्मच ताजा आंवले का रस अथवा आधा से एक चम्मच आंवला चूर्ण लेना चाहिए।
आयुर्वेद में शहद को अमृत माना गया है। सर्दी, जुकाम होने पर रात को सोने से पहले एक ग्लास गुनगुने दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से यह खत्म हो जाती है। शहद शरीर के ‘इम्युन सिस्टम’ को दुरुस्त करता है।
-तिलों के तेल से मालिश भी हमें ठंड से बचाने का काम करती है।
-बचपन में सर्दियों में नानी-दादी घर के बच्चों को सर्दी के मौसम में रोज हल्दी वाला दूध पीने के लिए देती थी। हल्दी वाला दूध जुकाम में काफी फायदेमंद होता है क्योंकि हल्दी में एंटीआॅक्सीडेंट्स होते हैं जो कीटाणुओं से हमारी रक्षा करते हैं। रात को सोने से पहले इसे पीने से तेजी से आराम पहुचता है। हल्दी में एंटी बैक्टीरियल और एंटी वायरल प्रॉपर्टीज मौजूद रहती है जो की इन्फेक्शन से लडती है। इसकी एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज सर्दी, खांसी और जुकाम के लक्षणों में आराम पहुंचाती है।
गर्म पानी में चुटकी भर नमक मिला कर गरारे करने से खांसी-जुकाम के दौरान काफी राहत मिलती है। इससे गले को राहत मिलती है और खांसी से भी आराम मिलता है। यह भी काफी पुराना नुस्खा है।
रोकथाम और रोग की तीव्रता को कम करने के लिए अहम तरीके:-
-अवरुद्ध नाक की स्थिति में एक कटोरी गर्म पानी में यूकेलिप्टस तेल की कुछ बूंदें डालकर भाप लेंंं। सावधानी बरतें कि भाप लेते समय पानी इतना गर्म न हो कि इससे चेहरा ही जल जाये।
-शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने हेतु आंवला एवं तुलसी का नियमित प्रयोग करना चाहिए।
-कमरे को अधिक गर्म न करें। अपने शरीर को स्वभाविक रूप से शीतल होने दें।
-सर्दी से संक्रमित अन्य लोगों के संपर्क से दूर रहें।
-संतुलित आहार लें। पर्याप्त आराम करें तथा अधिक से अधिक गर्म पेय लें।
नवजात शिशु को तीव्र श्वसन संक्रमण से बचाने के लिए खांसी और सर्दी के दौरान देखभाल:-
-गले की खराश और खांसी से राहत के लिए घरेलु उपाय जैसे नींबू के साथ शहद और अदरक, तुलसी, गर्म पानी इत्यादि का प्रयोग करें।
-खत्म-
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– खाने में अदरक के प्रयोग से शरीर तो गरम होता ही है, साथ में पाचन क्रिया भी अच्छा होता है। आंवला डायबिटीज से परेशान लोगों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। आंवला को प्राचीन आयुर्वेदिक प्रणाली में कई तरह के रोगों के इलाज के लिए लगभग 5000 साल से इस्तेमाल किया जा रहा है। आवंला की तुलना भी अमृत से की गई है। आंवला में विटामिन सी, विटामिन एबी, पोटैशिम, कैलशियम, मैग्नीशियम, आयरन, काबोर्हाइड्रेट, फाइबर और डाययूरेटिक एसिड होते हैं।

-जितना हो सके गर्म पानी पिएं। आपके गले में जमा कफ खुलेगा और आप सुधार महसूस करेंगे।

अपनी चाय में अदरक, तुलसी, काली मिर्च मिला कर चाय का सेवन कीजिए। इन तीनों तत्वों के सेवन से खांसी-जुकाम में काफी राहत मिलती है।
अलसी के बीजों को मोटा होने तक उबालें और उसमें नीबू का रस और शहद भी मिलाएं और इसका सेवन करें। जुकाम और खांसी से आराम मिलेगा।
अदरक को छोटे टुकड़ों में काटें और उसमें नमक मिलाएं। इसे खा लें। इसके रस से आपका गला खुल जाएगा और नमक से कीटाणु मर जाएंगे।
लहसुन को घी में भून लें और गर्म-गर्म ही खा लें। यह स्वाद में खराब हो सकता है लेकिन स्वास्थ्य के लिए एकदम शानदार है।
जुकाम और खांसी के उपचार के लिए आप गेहूं की भूसी का भी प्रयोग कर सकते हैं। 10 ग्राम गेहूं की भूसी, पांच लौंग और कुछ नमक लेकर पानी में मिलाकर इसे उबाल लें और इसका काढ़ा बनाएं। इसका एक कप काढ़ा पीने से आपको तुरंत आराम मिलेगा। हालांकि जुकाम आमतौर पर हल्का-फुल्का ही होता है जिसके लक्षण एक हफ्ते या इससे कम समय के लिए रहते हैं। गेंहू की भूसी का प्रयोग करने से आपको तकलीफ से निजात मिलेगी।
अनार के जूस में थोडा अदरक और पिपली का पाउडर डालने से खांसी को आराम मिलता है।
अगर खांसी के साथ बलगम भी है तो आधा चम्मच काली मिर्च को देसी घी के साथ मिलाकर खाएं। आराम मिलेगा।

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Author

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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