एसएसी ने ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम को मंजूरी दी सालाना 1500 युवाओं को लक्षित किया जाएगा

श्रीनगर, 17 जुलाई 2018- आज यहां राज्यपाल एन एन वोहरा की अध्यक्षता में हुई राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) में एक बड़े रोजगार सृजन कार्यक्रम, अर्थात् “जम्मू-कश्मीर ग्रामीण रोजगार जनरेशन कार्यक्रम (जेकेआरईजीपी)“ को षुरू करने को 50 करोड़ रुपये के वार्षिक परिव्यय को मंजूरी दी।
नई योजना प्रारंभिक चरण में वार्शिक 1500 बेरोजगार युवाओं को लक्षित करेगी और वित्तीय वर्ष 2018-19 से जम्मू-कश्मीर ग्राम एवं उद्योग बोर्ड (केवीआईबी) द्वारा लागू की जाएगी। इस योजना को ग्रामीण बेरोजगार युवाओं के ऊर्जा और उद्यमी कौशल को माइक्रो औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादक उद्यम की दिशा में और उनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से षुरू किया जा रहा है।
यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों / गांवों में 35 प्रतिषत की मार्जिन मनी के आकार में सरकारी सब्सिडी के साथ वित्तीय संस्थानों द्वारा प्रदान की जाने वाली परियोजना लागत के 60 प्रतिषत के बराबर अवधि ऋण के साथ एक प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण / क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना होगी। लाभार्थी को 25.00 लाख रुपये तक की परियोजना लागत के 5 प्रतिषत के बराबर अपना हिस्सा रखना होगा।
इस योजना में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के तहत 18 गतिविधियां, वन आधारित उद्योग के तहत 12 गतिविधियां, हस्तनिर्मित कागज / फाइबर उत्पादों के तहत 7 गतिविधियां, खनिज आधारित उत्पादों के तहत 8 गतिविधियां, पॉलिमर और रासायनिक आधारित उद्योग के तहत 8 गतिविधियां, ग्रामीण इंजीनियरिंग के तहत 14 गतिविधियां – जैव प्रौद्योगिकी, सेवा उद्योग के तहत 27 गतिविधियां और वस्त्रों के तहत 17 गतिविधियां शामिल हैं। यह योजना लाभ लेने के लिए व्यक्तियों की योग्यता से संबंधित विस्तृत दिशानिर्देश प्रदान करती है।
पिछले कुछ वर्षों में उदय, हिमायत, बीज पूंजी निधि योजना, युवा स्टार्ट-अप ऋण योजना और प्रधान मंत्री रोजगार रोजगार कार्यक्रम (पीएमईजीपी) जैसी कई पहल जम्मू-कश्मीर के युवाओं को लाभकारी रोजगार और रोजगार प्रदान करने के लिए उठाए गए हैं, जहां बेरोजगारी देश में केरल और असम जैसे राज्यों में सबसे ज्यादा दर है।
इनमें से पीएमईजीपी केवीआईबी और जिला इंडस्ट्रीज सेंटर (डीआईसी) द्वारा लागू सबसे अधिक मांग कार्यक्रम है। हालांकि अच्छे नतीजे दिखाए जाने वाले कार्यक्रम में उम्मीदवारों की संख्या के मुकाबले सालाना लक्ष्य की सीमा का सामना करना पड़ा है।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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