यदि किसी सरकारी कॉलेज में कोई एक्सटेंशन लेक्चरर स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति के कारण विस्थापित होता है तो संबंधित प्रधानाचार्य द्वारा उसे प्रासंगिक स्थानांतरण के कारण रिक्त हुई सीट या वर्कलोड के विरूद्घ समायोजित किया जाएगा

चंडीगढ, 17 जुलाई- हरियाणा सरकार ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी सरकारी कॉलेज में कोई एक्सटेंशन लेक्चरर स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति के कारण विस्थापित होता है तो संबंधित प्रधानाचार्य द्वारा उसे प्रासंगिक स्थानांतरण के कारण रिक्त हुई सीट या वर्कलोड के विरूद्घ समायोजित किया जाएगा। 
    उच्चतर शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि  ऐसे एक्सटेंशन लेक्चरर निदेशालय में जाए बिना अपनी पसंद के किसी अन्य निकटतम कॉलेज मेें संपर्क कर सकते हैं और वहां समायोजित हो सकते हैं।  
उन्होंने बताया कि यदि एक से अधिक विस्थापित एक्सटेंशन लेक्चरर एक ही कॉलेज में सम्पर्क करते हैं तो अधिक सेवा अवधि वाले अभ्यर्थी को पहले समायोजित किया जाएगा। सेवा अवधि निर्धारित करने के लिए संबंधित प्रधानाचार्य द्वारा जारी अनुभव संबंधी पत्रों पर विचार किया जाएगा। यदि ऐसे दो व्यक्तियों की सेवा अवधि समान है तो आयु में बड़े को पहले समायोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विस्थापित एक्सटेंशन लेक्चरर्स को परीक्षा एवं अवकाश अवधि के दौरान भी समायोजित किया जा सकता है।  
प्रवक्ता ने बताया कि स्नातकोत्तर कक्षाओं को नियमित लेक्चरर्स द्वारा ही पढ़ाया जाएगा और नियमित स्टाफ की कमी होने पर पात्र एक्सटेंशन लेक्चरर को राज्य एवं यूजीसी दिशानिर्देशों के अनुसार स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं, दोनों को पढ़ाने की अनुमति दी जा सकती है।  उन्होंने बताया कि ‘लास्ट इन फस्र्ट गो’ फॉर्मूले के कार्यान्वयन के लिए, किसी विषय में एक्सटेंशन लेक्चरर की वरिष्ठता उनकी निरंतर सेवा अवधि की तिथि से गिनी जाएगी। तदनुसार, संबंधित प्रधानाचार्य द्वारा सभी एक्सटेंशन लेक्चरर्स की विषय-वार वरिष्ठïता सूची तैयार की जाएगी।   
उन्होंने बताया कि सभी एक्सटेंशन लेक्चरर्स को निर्देश दिये गए हैं कि वे तुच्छ कारणों से आयोजित किए जाने वाले धरनों, सडक़ अवरोधों और वरिष्ठï पदाधिकारियों के घेराव जैसे गैर जिम्मेदाराना कार्यों में शामिल न हों। 

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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