सरकार रोजगार  सृजन के लिए नीतियां तैयार कर इनका क्रियान्वयन करेगी : मुख्यमंत्री

3rd August 2018: प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को और अधिक रोजगार व स्वरोजगार प्रदान करने के लिए कृषि, पर्यटन, उद्योग, ऊर्जा, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसे सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश की सुविधा प्रदान करेगी और रोजगार सृजन के लिए उपयुक्त नीतियां तैयार कर इनका क्रियान्वयन करेगी।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह बात आज यहां राज्य में रोजगार सृजन लक्ष्यों के लिये आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार न केवल राज्य अथवा देश, बल्कि वैश्विक समस्या है और यह एक बहुत बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकार के कार्यक्रम तथा नीतियां राज्य के युवाओं को रोजगार प्रदान करने पर लक्षित हां। उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष के बजट में राज्य सरकार ने रोजगार सृजन पर विशेष बल दिया है और यही नहीं सरकार द्वारा अनेक नई योजनाएं भी शुरू की गई हैं।
जय राम ठाकुर ने कहा कि कृषि तथा बागवानी क्षेत्रों पर विशेष बल दिया जाना चाहिए, क्योंकि इनमें स्वरोजगार की अपार सम्भावना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन पर बल देते हुए अग्रसक्रियता के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र राज्य में एक मुख्य स्वयं रोजगार के रूप में उभर सकता है यदि इसे समुचित प्रोत्साहन दिया जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य में स्वयं रोजगार सृजित करने तथा नियमित दिहाड़ी रोजगार सृजन करने से जुड़ी नीतियों तथा कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर बल दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगार युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने तथा आजीविका प्रदान करने पर राज्य सरकार विशेष बल दे रही हैं। उन्होंने कहा कि जिला तथा खण्ड स्तर पर अधिक से अधिक रोजगार मेलों तथा कैम्पस साक्षात्कार आयोजित किए जाएंगे ताकि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार तथा प्लेसमेंट के अवसर बढ़ाने के लिए राज्य के सभी रोजगार कार्यालयों को कौशल पहचान केन्द्रों तथा आदर्श करियर मार्गदर्शन केन्द्रों में परिवर्तित किया जाएगा।
जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकारी क्षेत्र, सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों तथा शहरी स्थानीय निकायों में 2,75,000 रोजगार के अवसर मौजूद हैं। इसी प्रकार संगठित तथा असंगठित निजी क्षेत्रों में लगभग 7,90,000 रोजगार उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 8.34 लाख युवा नौकरी की तलाश में हैं और हर वर्ष दो लाख युवा नौकरियां प्राप्त करने के लिए अपना पंजीकरण करवाते हैं। इस प्रकार अकेले सरकारी क्षेत्र में इतनी बड़ी मांग को पूरा का सम्भव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुनिश्चित करेगी कि राज्य सरकार के विभिन्न विभाग रोजगार तथा स्वरोजगार सृजन पर विशेष बल देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नौजव़ानों की जनसंख्या 35.25 प्रतिशत है, जिसका अभिप्रायः यह है कि यहां पर दूसरे प्रदेशों की तुलना में रोजगार प्राप्त करने वालों की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य में 7848 मेगावाट क्षमता की बिजली परियोजनाएं आवंटित कर दी गई हैं और इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा 2795 मेगावाट क्षमता की बिजली परियोजनाएं भी आवंटित की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि 10 हजार मेगावाट क्षमता की इन बिजली परियोजनाओं में काम आरंभ होने पर प्रदेश के हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
जय राम ठाकुर ने कहा कि पर्यटन और भ्रमण ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसरों की अपार क्षमता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने, इको-टूरिज्म, जलक्रीड़ा, साहसिक पर्यटन तथा कैम्प लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक क्षेत्र में भी यह सुनिश्चित करेगी कि हिमाचली युवाओं को नई तथा नई बनने वाली औद्योगिक इकाइयों में कम से कम 80 प्रतिशत रोजगार मिले। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में स्थापित औद्योगिक क्षेत्रों में 4.34 लाख लोगों को रोजगार दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर असंतोष व्यक्त किया कि उनके द्वारा वर्ष 2018-19 के बजट में घोषित की गई योजनाओं के क्रियान्वयन में आरम्भ में विलम्ब हुआ है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन परियोजनाओं को शीघ्र कार्यान्वित करने के आदेश दिए, जिससे युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को लक्ष्य निर्धारित करके काम करना चाहिए, तभी प्रदेश उन्नति और समृद्धि के रास्ते में आगे बढ़ सकेगा। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उत्साह व जोश के साथ कार्य करना चााहए, जिससे वांछित परिणाम प्राप्त किए जा सके।
जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार विकासात्मक परियोजनाओं के लिए पट्टे पर भूमि देने की प्रक्रिया को सरल बनाएगी तथा विभिन्न स्वीकृतियों में होने वाली देरी से निपटने के लिए एमसीए और एफआरए में समयबद्ध अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रदान करेगी ताकि विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को समय पर लागू किया जा सकेगा। इससे न केवल प्रचूर मात्रा में प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकेगा।
मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने कहा कि प्रदेश में निवेश को इस तरह से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करेंगे कि विभिन्न नई तथा कार्यान्वित हो रही परियोजनाओं में प्रदेश के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के साधन मिल सके।
अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं प्रधान सचिव मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने मुख्यमंत्री तथा अन्य उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग मनीषा नंदा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अनिल कुमार खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन तरूण कपूर, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय निशा सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुंडू, प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।

 

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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