ऐसे परिवार, जिन्हें गैस की सब्सिडी मिल सकती है, लेकिन वे बीपीएल व एसईसीसी श्रेणी में नहीं आते हैं, उन्हें राज्य सरकार द्वारा बैंक के माध्यम से ऋण दिलवाकर गैस कनैक्शन मुहैया करवाया जाएगा

चंडीगढ, 25 जुलाई – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने घोषणा करते हुए कहा कि ऐसे परिवार, जिन्हें गैस की सब्सिडी मिल सकती है, लेकिन वे बीपीएल व एसईसीसी श्रेणी में नहीं आते हैं, उन्हें राज्य सरकार द्वारा बैंक के माध्यम से ऋण दिलवाकर गैस कनैक्शन मुहैया करवाया जाएगा। राज्य में आगामी 2 अक्तूबर, 2018 तक प्रदेश के सभी परिवारों को गैस कनैक्शन उपलब्ध करवाया जाएगा।

यह घोषणा आज यहां हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने राज्य के सभी मण्डलायुक्तों व जिला उपायुक्तों के साथ की गई वीडियो कान्फ्रैंसिंग के दौरान की।

बैठक में बताया गया कि ऐसे परिवार, जिनके पास गैस कनैक्शन नहीं हैं और वे निशुल्क गैस कनैक्शन उपलब्ध करवाने वाली श्रेणी में नहीं आते हैं, परंतु गैस सब्सिडी के लिए पात्र हैं, को राज्य सरकार द्वारा उनके सम्बन्धित बैंक से गैस कनैक्शन लेने हेतु ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा और उन्हें गैस का कनैक्शन दिया जाएगा। इस ऋण की ऐसे उपभोक्ताओं से उनके खाते में आने वाली सब्सिडी से भरपाई की जाएगी। ज्ञात है कि बीपीएल और एसईसीसी श्रेणी के उपभोक्ताओं को उज्ज्वला योजना के तहत निशुल्क गैस कनैक्शन दिया जाता है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश कि गैस कनैक्शन जारी करने के लिए ग्राम स्तर पर अभियान चलाया जाए और 100 प्रतिशत सैचुरेट किया जाए। उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर सर्वे करके पात्र लोगों को गैस के कनैक्शन भी आबंटित किए जाएं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने जिले में गैस कनैक्शनों को 100 प्रतिशत आबंटित करने के लिए एक शैडयूल बनाएं और इस शैडयूल के अनुसार इसे समयसीमा के भीतर पूरा करें। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित उपायुक्त जिला अनुसार मैपिंग भी करवाएं, क्योंकि कई बार कुछ उपभोक्ता गैस एजेंसी व गोदाम की अधिक दूरी के कारण गैस सिलेंडर की री-फिलिंग नहीं करवा पाते, इस दूरी को पाटने के लिए उचित कदम उठाएं।

राज्य के गांवों में विकास पट्ट स्थापित करने के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक गांव के बाहर विकास पट्ट होना चाहिए। इसके अलावा, यदि किसी गांव में कोई गौरवशाली रहा है तो उसकी गौरवगाथा उन पट्टों पर हो। उन्होंने कहा कि विकास पट्ट पर ग्राम की जानकारी के साथ-साथ वहां के विकास कार्यों की जानकारी भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी गांव में विकास पट्ट और गौरव पट्ट अलग-अलग स्थापित हो चुके हैं तो कोई बात नहीं, लेकिन भविष्य में ग्राम के बाहर एक पट्ट ही लगाया जाए, जिसमें विकास और गौरव दोनों की जानकारी हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी गांव में कोई प्रतिमा को विकास पट्ट के साथ लगाना चाहता है तो वह भी एक अच्छी परम्परा है और आकर्षण का केन्द्र बनेगा।

पौधगिरी कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी स्कूलों के 6वीं से 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाले हर बच्चे द्वारा एक पौधा लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय का एक नोडल अधिकारी होना चाहिए, जो एक अध्यापक भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि जो बच्चा जिस पौधे को लगाएगा वह उसके साथ अपनी फोटो खिचावाएगा और उस फोटो को सम्बन्धित अध्यापक द्वारा रिकार्ड में रखा जाएगा और उसके छ: महीने के बाद वही बच्चा उसी पौधे के साथ फोटो खिचवाएंगा, जिससे उस पौधे का रखरखाव की समीक्षा हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि इस पौधगिरी कार्यक्रम के तहत सम्बन्धित जिला उपायुक्तों को अपने जिलों में किए गये कार्यों की रिपोर्ट भी भेजनी होगी। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश देते हुए कहा कि वे बच्चों को प्रोत्साहित करें कि प्रत्येक बच्चा पौधगिरी की शुरूआत अपने घर के आंगन से करे।

शिवधाम योजना के तहत किए जाने वाले कार्यों की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में किए जाने वाले कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करें। इसी प्रकार, अन्त्योदय सेवा केन्द्रों के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सात स्थानों पर अन्तयोदय सेवा केन्द्रों का उदघाटन किया जा चुका है और अन्य जिलों में इस योजना को विस्तारित करने के लिए तेजी से कार्य किया जाए ताकि आगामी 2 अक्तूबर,2018 तक इन केन्द्रों की शुरूआत की जा सके।

मुख्यमंत्री ने बैठक में राज्य के सभी जिला उपायुक्तों से उनके जिले में शिवधाम योजना, अन्त्योदय सेवा केन्द्र, विकास पट्ट योजना, पौधगिरी अभियान, उज्जवला योजना, एलईडी लाइट लगाने बारे तथा वर्षा से सम्बन्धित जानकारी ली और आवश्यक दिर्शानिर्देश दिए।

बैठक में मुख्य सचिव श्री डी एस ढेसी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डा० राकेश गुप्ता, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री मनदीप सिंह बराड़, राजस्व एवं आपदा प्रबन्धन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती केसनी आनन्द अरोड़ा, बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी के दास, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राम निवास, लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक निगम, सैकेण्डरी शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती धीरा खण्डेलवाल, पशुपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुनील गुलाटी, विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल, वित्त विभाग के प्रधान सचिव श्री टीवीएसएन प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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