पानी की बचत करने के लिए प्रदेश में 31 दिसंबर, 2018 तक सभी नलों पर टूटी लगाई जाएगी ताकि पानी को बर्बाद होने से रोका जा सके: डॉ. बनवारी लाल
चण्डीगढ़,16 जुलाई- हरियाणा के जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा है कि पानी की बचत करने के लिए प्रदेश में 31 दिसंबर, 2018 तक सभी नलों पर टूटी लगाई जाएगी ताकि पानी को बर्बाद होने से रोका जा सके। इसके साथ ही पानी की जहां भी लिकेज होगी उसे तुरंत प्रभाव से ठीक किया जाएगा। 
डा. बनवारी लाल सिंगापुर इंटरनेशनल वाटर वीक-2018 में भाग लेने के बाद आज लोक निर्माण विश्राम गृह रेवाड़ी में एक जन सभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सिंगापुर में 8 जुलाई से 12 जुलाई, 2018 तक आयोजित किए गये सिंगापुर इंटरनेशनल वाटर वीक-2018 में पानी बचत के लिए हुए कार्य से उनके नेतृत्व में शामिल हुआ प्रतिनिधिमण्डल प्रभावित हुआ है तथा प्रदेश में भी ऐसे प्रोजैक्टों को लागू करने पर विचार किया जाएगा। 
  उन्होंने कहा कि सिंगापुर इंटरनेशनल वाटर वीक नवीनतम जल समाधानों को सांझा करने के लिए एक वैश्विक मंच है। हरियाणा से गए हुए प्रतिनिधिमण्डल को पानी के पुन: उपयोग तथा खराब पानी के ट्र्रीटमेंट के आधुनिक समाधान को जानने तथा पहचाने में इस दौरे से लाभ होगा। उन्होंने बताया कि पानी संरक्षण के साथ-साथ उसके दोबारा उपयोग के सम्बन्ध में आधुनिक तकनीक भी देखने को मिली जिनका राज्य में प्रयोग करके पानी का संरक्षण किया जा सकेगा। 
डा. बनवारी ने कहा कि आज के युग में शहरीकरण का दायरा बढ़ता जा रहा है तथा जनसंख्या की बढ़ौतरी, पानी की लगातार बढती मांग, वातावरण में बदलाव से शहरों में पानी की किल्लत होती है जिसके समाधान हेतू सिंगापुर में यह वाटर वीक आयोजित किया गया। बढ़ते शहरीकरण के कारण पानी की समस्या को देखते हुए भविष्य के लिए पानी की जरूरत को बनाए रखने के लिए इस कार्यक्रम में चर्चा की गई तथा विशेषज्ञों द्वारा अपने-अपने विचार रखे गये। 
मंत्री ने बताया कि खराब और बेकार पानी के प्रबंधन के साथ-साथ पानी की गुणवत्ता तथा स्वास्थ्य पर पानी से होने वाले असर पर भी चर्चा हुई। इस वीक के दौरान युवाओं के लिए एक वाटर लिडर्स सम्मिट भी आयोजित की जा रही है ताकि आने वाली पीढ़ी पानी का सही प्रकार से प्रबंधन कर सकें। 
उन्होंने बताया कि सिंगापुर में अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग किया जाता है और इस अपशिष्ट जल को सिंगापुर सरकार द्वारा इस संयंत्र में गहरी सुरंगों के माध्यम से पहुंचाया जाता है तथा ट्रीटमेंट के उपरांत यह पानी उद्योग या घरों को आपूर्ति के लिए भेजा जाता है। 
  डा. बनवारी लाल ने बताया कि जल पुनर्वास संयंत्र सिंगापुर में चार जल पुनर्वास संयंत्रों में से एक है। प्रतिनिधिमंडल ने इस संयंत्र के तकनीकी विवरणों की जानकारी ली और अध्ययन किया और इस मौके पर सिंगापुर में अधिकारियों के साथ उपयोगी चर्चा भी की गई। इस संयंत्र में बेस्ट कचरे को एक प्रक्रिया के माध्यम से गुजारा जाता है और यह प्रक्रिया इस कचरे को नष्ट कर देती हैं जिसे बाद में बने उत्पाद को इन-ट्यूब कूलर के माध्यम से गुजारा जाता है और फिर इसे आगे एनारोबिक में भेजा जाता है। मंत्री ने बताया कि इन संयंत्रों के दौरे से प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को काफी जानकारियां मिली हैं और इन संयंत्रों की तकनीक का लाभ प्रदेश में कचरा निस्तारण में भी हो सकता है। 
जनस्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पानी की बचत के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे पशु नहलाने, कार साफ करने व घर को साफ करने के लिए खुला पानी चलाकर न छोड़े। जितनी पानी की जरूरत हो उतने पानी का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि सिंगापुर में पानी की कमी थी और सिंगापुर मलेशिया पर निर्भर था। लेकिन सिंगापुर में बरसात के पानी को एकत्रित कर प्रोजैक्ट लगाकर कार्य किया तथा पानी की बचत के लिए उन्होंने काफी कार्य किये जो एक मिशाल है। हमें सिंगापुर से इसके लिए प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पानी का महत्वपूर्ण विषय है इसके बिना जीवन सम्भव ही नहीं है। उन्होंने कहा कि ड्रेेनेज सिस्टम में लोग कूड़ा न डाले।
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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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