हरियाणा में प्रत्येक विभाग की गतिविधियों पर सेटेलाइट के जरिए निगरानी रखने के लिए जिला मुख्यालयों के लघु सचिवालय में स्थापित जी.आई.एस. लैब (जियोग्राफिक इनर्फोमेटिक सिस्टम) एक प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहा है

चण्डीगढ़, 20  जुलाई- हरियाणा में प्रत्येक विभाग की गतिविधियों पर सेटेलाइट के जरिए निगरानी रखने के लिए जिला मुख्यालयों के लघु सचिवालय में स्थापित जी.आई.एस. लैब (जियोग्राफिक इनर्फोमेटिक सिस्टम) एक प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहा है। इसी क्रम में, जींद में जिला प्रशासन और हरियाणा स्पेस एॅप्लिकेशन्स सेंटर हिसार के सहयोग से जी.आई.एस. लैब की स्थापना की गई है। मुख्य सचिव श्री डी.एस. ढेसी ने विधिवत रूप से इस लैब का फरवरी माह में शुभारंभ  किया था।

लैब की स्थापना के पश्चात यहां विभिन्न विभागों की भविष्य में बनने वाली परियोजनाओं की प्लानिंग तैयार करने का काम शुरू हुआ। सभी विभागों का डाटा सेटेलाइट ईमेज के साथ डिजिटलाईज किया जाने लगा है। इस लैब की यह विशेषता है कि सेटेलाइट के जरिए विभागों द्वारा करवाए जा रहे कामों पर निगरानी रखी जा सकती है। सभी विभागों का डाटा तैयार कर भविष्य में बनने वाली योजनाओं का प्रभावी प्रारूप तैयार की जा सकता है। खास बात यह है कि इस लैब में सभी विभागों का डाटा एक ही छत के नीचे तैयार होने लगा है। पूरा डाटा तैयार होने पर किसी भी सूचना के लिए अलग-अलग विभागों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 

प्रथम चरण में इस लैब से नगर परिषद जींद के प्रोपर्टी टैक्स का डाटा तैयार करने का क्रम शुरू किया गया है। डाटा तैयार करते समय सभी प्रकार की जानकारी जिसमें प्रोपर्टी के मालिक का नाम, संपर्क दूरभाष नं., प्रोपर्टी का एरिया, क्या प्रोपर्टी रिहायशी क्षेत्र में है या वाणिज्यिक क्षेत्र में है, प्रोपर्टी का फोटो भी उपलब्ध हो जाएगा। इसके साथ-साथ प्रोपर्टी की लोकेशन, वहां उपलब्ध सार्वजनिक सुविधाओं की जानकारी भी सहज उपलब्ध हो जाएगी। इतना ही नहीं सेटेलाइट के जरिए वैध अथवा अवैध कॉलोनियों का भी पता लगाया जा रहा है। इसी तर्ज पर नरवाना नगर परिषद तथा सफीदों व जुलाना नगरपालिकाओं में भी यह काम किया जाएगा। लोगों को प्रोपर्टी खरीदते समय सही जानकारी उपलब्ध हो जाएगी कि अमूक प्रोपर्टी वैध है अथवा अवैध।

जींद के उपायुक्त श्री अमित खत्री ने बताया कि जी.आई.एस. लैब में राजस्व, सिंचाई, कृषि, चुनाव, पंचायत, पुलिस, शिक्षा आदि विभागों का डाटा भी तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जी.आई.एस. लैब में सेटेलाइट टैक्नोलॉजी का प्रयोग कर तैयार किया गया डाटा सुरक्षित रहता है। जिससे आम नागरिकों के समय और धन दोनों की बचत होगी। आने वाले समय में सभी विभागों के डाटा को ऑनलाइन भी कर दिया जाएगा। जिससे आम नागरिक घर पर बैठे इंटरनेट के माध्यम से जानकारी हासिल कर सकेगा। जानकारी भी ऐसी जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की रूचि रहती है। नगर परिषद की परिधि में प्रोपर्टी आईडी नं., पानी और सिवरेज की सुविधा, प्रोपर्टी टैक्स, राजस्व रिकॉर्ड, पुलिस चौकी, वैध अथवा अवैध कालोनियों की बाउंडरी, सड़कें, नहर, रेलवे लाइन, बस स्टोपिज जैसी सार्वजनिक सुविधाओं की सूचना घर बैठे ही देख सकेगे। इसके अलावा, सरकारी विभागों की लोकेशन भी जान सकते है। प्रथम चरण में जींद नगर परिषद के प्रोपर्टी टैक्स का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है जिससे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

जी.आई.एस. लैब ने नरवाना में उपलब्ध सार्वजनिक प्रयोग की सेवाओं को http://jind.gov.in/narwanaपर ऑनलाइन शो कर दिया है। इस लिंक से नरवाना में विभिन्न जगहों पर उपलब्ध पब्लिक शौचालय, डस्टबीन स्वच्छता इत्यादि की सुविधाओं को फोटो सहित देख सकते है। इस प्रकार इस लैब के स्थापित होने से इन जगहों की दूरी का आंकलन भी सही तरीके से हो सकेगा।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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