दिल्ली और गुरुग्राम के बीच कनेक्टिविटी सुधारने की दिशा में वर्तमान सरकार काम कर रही है: राव नरबीर सिंह 
चण्डीगढ़, 16 जुलाई- हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि दिल्ली और गुरुग्राम के बीच कनेक्टिविटी सुधारने की दिशा में वर्तमान सरकार काम कर रही है। इसी कड़ी में वसंतकुंज से एम जी रोड को जोडऩे की योजना है और उसके बाद उस सडक़ को दिल्ली-जयपुर हाईवे से जोड़ा जाएगा। इस कार्य की रूपरेखा तैयार होने के बाद ही एंबियंस मॉल के पास दिल्ली-जयपुर हाईवे पर यू-टर्न लूप बनाया जाएगा जिस पर लगभग 150 करोड रुपए खर्च होंगे।
राव नरबीर सिंह गत दिवस गुरुग्राम शहर के एंबियंस लैगून अपार्टमेंट्स में रहने वाले लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक एबियंस मॉल के पास यू टर्न नहीं बनता तब तक उनके आवागमन की सुविधा के लिए पुलिस आयुक्त के के राव के साथ उनकी एक बैठक करवाकर समाधान किया जाएगा। 
उन्होंने कहा कि दिल्ली और गुरुग्राम के बीच कनेक्टिविटी में सुधार से एंबिएंस लैगून अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को भी फायदा होगा। उन्होंने बताया कि लगभग डेढ़ सौ करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले यू टर्न लूप के निर्माण में 75-75 करोड़ रुपए की राशि बिल्डरों- डीएलएफ तथा एंबियंस द्वारा वहन की जाएगी। 
उन्होंने कहा कि एंबिएंस मॉल के सामने ज्यादा ट्रैफिक रात के समय होता है और 15 अगस्त तक केएमपी एक्सप्रेस वे शुरू होने के बाद उन लोगों को काफी राहत मिलेगी। केएमपी चालू होने पर सभी भारी वाहन शहर के बाहर से ही निकल जायेंगे। केएमपी एक्सप्रेस वे के साथ लॉजिस्टिक हब बनाया जाएगा ताकि माल लाने ले जाने वाले भारी वाहन शहर में प्रवेश ना करें।
राव नरबीर सिंह ने द्वारका एक्सप्रेसवे का भी उल्लेख किया और कहा कि 7200 करोड़ रुपए से बनने वाले इस हाईवे के निर्माण के लिए टेंडर हो चुके हैं और अगले महीने इस पर निर्माण कार्य शुरु हो जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली और गुरुग्राम के बीच कनेक्टिविटी बढऩे से शहर में यातायात दबाव कम होगा। उन्होंने गुरुग्राम की उपेक्षा के लिए पिछली कांग्रेस सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि पिछली सरकार 10 साल के अपने कार्यकाल में गुरुग्राम में तीन मास्टर प्लान लेकर आई। उन्होंने यहां पर बिल्डरों को सैकड़ों लाइसेंस तो दे दिए परंतु उस लाइसेंस वाली जगह पर जो इमारत खड़ी हुई है उस में जाने के लिए रास्ते का प्रावधान नहीं किया। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि उस रास्ते का समाधान वर्तमान सरकार ने किया है जिसके लिए सरकार को जमीन अधिग्रहण महंगे भाव पर करनी पड़ी। यदि यही जमीन पिछली सरकार के समय अधिग्रहित की जाती तो एक एकड़ भूमि के लिए एक से दो करोड़ रुपए ही देने पड़ते परंतु अब वर्तमान सरकार ने 11 करोड़ रुपए प्रति एकड़ तक का मुआवजा दिया है। 
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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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