भारत से अच्छे संबंधों की दरकार है पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के चीफ इमरान अहमद खान नियाजी को

भुपेंद्र शर्मा, चंडीगढ़: आम चुनाव में बंपर जीत हासिल करने के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सुप्रीमो इमरान अहमद खान नियाजी उर्फ इमरान खान को अपने पड़ोसी मुल्क भारत के साथ अच्छे रिश्ते कायम रखने की भरपूर उम्मीदें हैं। यह बात उन्होंने चुनावों में बंपर जीत हासिल करने के बाद अपने पहले संबोधन में कहीं। उन्होंने कहा कि गर हमारे आपस में अच्चे रिश्ते कायम होंगे तो हम एक दूसरे से बिजारत करेंगे। कोशिश होनी चाहिए पाकिस्तान और भारत को एक टेबल पर बैठकर बातचीत करना चाहिए। इमरान ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए तैयार हैं। अगर भारत सरकार एक कदम आगे बढ़ती है तो हम दो कदम आगे बढ़ेंगे। बातचीत से ही यह समस्या हल करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि हिन्दुस्तान की मीडिया ने मुझे बॉलीवुड फिल्म का ‘विलेन’ बना दिया। इमरान खान ने कहा कि ‘उनके दिलो-दिमाग में जिस पाकिस्तान की कल्पना है अब वो शक्ल लेगी।’ इमरान ने कहा, ‘अल्लाह ने मुझे मौका दिया। पाकिस्तान की सेवा का मौका मिला। पाकिस्तान के लिए मैंने 22 साल संघर्ष किया।’ राजनीति में आने के पीछे के राज का खुलासा करते हुए इमरान ने कहा, ‘ मैं बताना चाहता हूं कि 22 साल पहले सियासत में क्यों आया जिसे ऊपरवाले ने सब कुछ दिया। बिना कुछ किए मैं आराम से जीवन गुजार सकता था। लेकिन जब मैं पल-बढ़ रहा था उस समय की कई परिस्थितियों को देखा। देश में भ्रष्टाचार को देखते हुए राजनीति में आने को मजबूर हुआ।’ उन्होंने कहा, ‘मैं पाकिस्तान से किया अपना वादा निभाऊंगा। अपने घोषणा पत्र को लागू करने का मौका मिला। इस चुनाव में कई लोगों ने कुर्बानियां दीं।पाकिस्तान के लोगों ने लोकतंत्र को मजबूत किया।’ उन्होंने कहा कि हमारी नीतियां कमजोर तबके लिए होंगी। हमें मजदूर गरीबों की चिंता भी है। उन्होंने कहा कि गरीबी एक बड़ा चैलेंज है हमें इसके खिलाफ लड़ना है। चीन हमारे लिए एक बड़ा उदाहरण है। पिछले 30 सालों में चीन में 70 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए। हम देश के किसान, गरीब तबकों के लिए काम करेंगे। हम कमजोर तबके के लिए नीतियां बनाएंगे। मैं पाकिस्तान में इंसानियत का राज कायम करना चाहता हूं। अब तक जो हुक्मरान आए उन्होंने अपने शानो-शौकत पर खर्च किए, उनकी फिजुलखर्ची को देखते हुए लोग टैक्स नहीं भरते थे, पहले अपने लिए खर्च नहीं करूंगा। हम ऐसा माहौल बनाएंगे कि लोग टैक्स भरने को आगे आए। सरकार के पैसे का सही इस्तेमाल करूंगा।’ उन्होंंने यह भी वादा किया कि वह प्रधानमंत्री आवास में नहीं रहेंगे। प्रधानमंत्री आवास में रहने पर उन्हें शर्म आएगी।
दूसरी ओर इमरान खान के लिए कहा जाता है कि वह जब से राजनीति में आए तब से ही प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के लिए शेरवानी सिलवाए बैठे हैं। इस में कोई दो राय नहीं कि इमरान के लिए विदेश नीति को लेकर पाकिस्तान में बड़ी चुनौती है। आतंकवाद बड़ी चुनौती है हमारे लिए, हमें अपने पड़ोसियों से रिश्ते बेहतर करने होंगे, सबसे अहम पड़ोसी मुल्क है चीन, इस देश से हमें काफी कुछ सीखना होगा। चीन ने अपने करीब 70 करोड़ लोगों को गुरबत की जिंदगी से बाहर निकाला और उन्हें एक बेहतर जिंदगी दी। हम उससे सीखने के लिए अपने लोगों को वहां भेजेंगे। इमरान ने पड़ोसी मुल्कों का जिक्र करते हुए सबसे पहले चीन का जिक्र किया, फिर अफगानिस्तान, ईरान, सऊदी अरब। इसके बाद हिंदुस्तान का नाम लिया। जहां एक ओर पूरे पाकिस्तान में पी.टी.आई. पार्टी कार्यकर्ता पाकिस्तान की सड़कों पर जश्न मना रहे हैं तो वहीं विपक्षी दलों ने चुनाव में बड़े पैमाने पर हिंसा और धांधली का आरोप लगाया है। जेल में बंद नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएलएम-एन) दूसरे नंबर पर आई है। इमरान खान ने अपने भाषण में माना है कि पाकिस्तान और भारत दोनों देश एक दूसरे को ही जिम्मेदार ठहराते आए हैं, लेकिन ये खत्म होना चाहिए और दोनों मुल्कों में दोस्ती होनी चाहिए।
इस में कोई दो राय नहीं कि पाकिस्तान में धार्मिक रुझान रखने वाली पार्टियों और कट्टरपंथ की तरफ रुझान रखने वाली पार्टियों को चुनाव में अधिक फायदा होता नहीं दिखा है। लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद की नई पार्टी अल्लाह हू अकबर तहरीक पार्टी ने चुनाव में कुल 265 उम्मीदवार खड़े किए थे। लेकिन इनमें से कोई भी जीत हासिल नहीं कर सका।
धार्मिक मानी जाने वाली पार्टियों के गठबंधन मुत्ताहिदा मजलिसे-अमल को भी दस से कम सीटों पर बढ़त मिली है। गौरतलब है कि 11 दिसंबर 2015 को इमरान खान ने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। दोनों के बीच और घनिष्ठ संबंध बनाने पर बात हुई थी। याद रहे इमरान खान ने अपने चुनावी भाषणों में प्रधानमंत्री मोदी की ईमानदारी की तारीफ की है और कहा है कि और कुछ भी हो बंदा तो ईमानदार है, नहीं तो उसके भी विदेशों में पैसे होते बैंक अकाउंट होता लेकिन इमरान खान तब तक ही पीएम मोदी की तारीफ करते नजर आते हैं जब तक कि वह नवाज शरीफ पर निशाना साधने में इसका इस्तेमाल करें। जैसे ही भारत और पाकिस्तान के रिश्तों की बात आती है तो इमरान के तेवर काफी तल्ख होते हैं जिसमें कोई गुंजाइश नजर नहीं आती। इमरान खान कहते हैं कि भारत ने नवाज के साथ मिलकर पाकिस्तान की फौज को कमजोर किया है यानि एक तीर से दो निशाने साधे हैं। पाकिस्तान की फौज को पूरी तरह से सर आंखों पर बिठाते हैं तो दूसरी और नवाज पर आरोप भी लगाते हैं और पाकिस्तान में भारत विरोधी भावना को भड़काते हैं। अपने चुनावी भाषणों में वह प्रधानमंत्री मोदी को काफी भला बुरा भी कह चुके हैं। उन्होंने यहां तक कहा है कि अगर प्रधानमंत्री मोदी कश्मीर को मामला अपने तरीके से हल करना चाहते हैं, तो वह उनकी भूल है। हालांकि सत्ता पर बैठने के बाद हर कोई अपने आपको थोड़ा ठीक करने की कोशिश करता है। यह बात इमरान खान पर भी लागू होगी।
कई राजनीति के जानकार पाकिस्तान में आम चुनावों को जनरल इलेक्शन के बजाए जनरल सलेक्शन कह रहे हैं। इनका मानना है कि इन चुनावों में पाकिस्तान की सेना और आई एस आई का ज्यादा दबाव रहा है। हालांकि इमरान खान ने उक्त आरोपों को नकारते हुए प्रशासनिक सुधार, खर्च में कटौती, सुधार कार्यक्रम और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।

इमरान खान को विरोधी कहते हैं ‘तालिबान खान’

इमरान पर अपने ही देश में उदारवादी और विरोधी पार्टियों ने ‘तालिबान खान’ होने का आरोप लगाया है। जाहिर है इमरान खान ने मानवाधिकार की रक्षा के नाम पर जिस तरह से पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों में आतंकवादियों के खिलाफ सैनिक आॅपरेशन का विरोध किया उनकी सहानुभूति जीती और उन इलाकों में अपनी पैठ बनाई है। यह भी कहा जा रहा है कि अब इमरान उसे और पुख्ता करने की कोशिश करेंगे। कई इलाकों में पाकिस्तान की सेना भी आॅपरेशन नहीं करना चाहती थी और इमरान खान के इस रूख ने उन्हें सहूलियत दी ताकि आतंकवादियों के खिलाफ एक्शन ना लिया जाए। वैसे आतंकवादी हैं जिनको लेकर यह कहा जाता है कि पाकिस्तान की सेना के सहयोग उनकी मदद के बिना वह टिक नहीं सकते। यानि ऐसे आतंकवादियों के साथ खड़े होकर इमरान खान ने कहीं ना कहीं सेना की ही मदद की। उससे सिविल गवर्नमेंट के नेशनल एक्शन प्लान के तहत आतंकवादियों को पूरी तरह से सफाया करने के मंसूबे के रास्ते में खड़ी रही। अपने निहित स्वार्थों की वजह से अब यह गठजोड़ सत्ता तक पहुंचती नजर आ रही है, तो एक तरफ आतंकी तंजीम है तो दूसरी तरफ पाकिस्तान की सेना का हाथ भी पूरी तरह से उनकी पीठ पर रहा है।

आखिर कौन हैं इमरान अहमद खान नियाजी?

इमरान अहमद खान नियाजी का जन्म 5 अक्टूबर 1 9 52 में पंजाब के लाहौर में एक पश्तुन परिवार में हुआ था और एचिसन , वर्सेस्टर में और बाद में आॅक्सफोर्ड के केबल कॉलेज में पढ़ाया गया था । पश्तूनों के बुर्की कबीले की मां शौकत खानम के बेटे इमरान के लिए करियर के तीन रास्ते एक तरह से खून में मिले थे। खेल, एजुकेशन और सेना। रिवर्स स्विंग के जनक माने जाने वाले पाकिस्तानी तेज गेंदबाज सरफराज नवाज का चेला बनकर दुनिया में ‘रिवर्स स्विंग किंग’ का खिताब हासिल कर और पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को वर्ल्ड चैंपियन बना इमरान ने अपने मातृपक्ष के बुर्की कबीले का नाम और आगे बढ़ाया। पर पिता के पक्ष से देखा जाए तो इमरान में पश्तूनों के ‘नियाजी कबीले’ का भी खून है। पाकिस्तान में एक नियाजी फेमस हुए लेफ्टिनेंट जनरल एएके नियाजी या जनरल नियाजी, जिन्हें टाइगर नियाजी के नाम से जाना जाता था। 1971 में भारत के खिलाफ मिली हार में जनरल नियाजी ने सरेंडर किया और उसके बाद उनके नाम से जनरल का सम्मान जाता रहा। जीत की ओर बढ़े इमरान से न केवल नियाजी कबीले के लिए फख्र की बात है बल्कि पश्तूनों का कोई पहला लड़का इस पद पर पहुंचा।
इमरान की कहानी पूरी फिल्मी है। बड़ा परिवार, स्टारडम, कंट्रोवर्सी और पॉलिटिक्स, इसमें सब शामिल है।

रिवर्स स्विंग के किंग से सियासत के शिकारी तक का इमरान का सफर…

– इमरान खान नियाजी का जन्म 5 अक्टूबर 1952 को लाहौर में हुआ था। इमरान की मां शौकत खानम बुर्की परिवार से आती थीं, जिन्होंने पाकिस्तान को कई मशहूर खिलाड़ी दिए। इनमें जावेद बुकरी और माजिद खान जैसे नाम शामिल थे। इमरान ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। 16 साल की उम्र में उनका प्रफेशनल क्रिकेट करियर शुरू हुआ। 1968 में इमरान ने फर्स्ट क्लास डेब्यू किया। 1971 में इंग्लैंड के खिलाफ इमरान को टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला जबकि 1974 में इसी देश के खिलाफ उन्होंने वनडे डेब्यू किया। 1982 में इमरान खान पाकिस्तान टीम के कप्तान बन गए। इमरान के रिवर्स स्विंग की ख्याति जगप्रसिद्ध हुई तो उनकी पहचान एक आॅलराउंडर के तौर भी हुई। 1987 में उनके नेतृत्व में पाकिस्तान को वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। इमरान ने संन्यास की घोषणा कर दी, लेकिन पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल जिया उल हक के आग्रह पर वापस लौटे।
– इमरान की वापसी जोरदार रही। बतौर क्रिकेट उनके जीवन का सर्वश्रेष्ठ क्षण 1992 में आया। उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने 1992 में क्रिकेट का वर्ल्ड कप जीता।
-1992 में 25 मार्च को इमरान ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना आखिरी वनडे खेला। यानी इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हुई कहानी इंग्लैंड के खिलाफ ही खत्म हुई। 1992 में ही इमरान खान ने क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी।
– क्रिकेट की दुनिया में स्टारडम हासिल कर चुके इस शख्स ने अब अपने निजी जीवन पर ध्यान देना शुरू किया। क्रिकेट के दौरान इमरान की छवि क्लबों में जाने वाले एक हाइक्लास रोमियो की बन चुकी थी। 1995 में इमरान ने ब्रिटिश जर्नलिस्ट जेमिमा गोल्डस्मिथ के साथ निकाह किया। यह रिश्ता 9 सालों तक चला और 2004 में तलाक हो गया।
– 2014 में इमरान खान ने दूसरी शादी की। टीवी ऐंकर रेहम खान इमरान की दूसरी बेगम बनीं। फिलहाल रेहम खान काफी चर्चा में हैं। उन्होंने मात्र 10 महीने चल पाई अपनी शादी के दौरान इमरान खान पर यौन शोषण तक के आरोप लगाए हैं। रेहम ने एक किताब लिखी है, जिसमें इमरान को लेकर तमाम खुलासों का दावा किया गया है।
– इमरान खान ने फरवरी 2018 में तीसरी शादी की। इस बार उन्होंने बुशरा मानिका से निकाह किया। बुशरा मानिका इमरान की धार्मिक गुरु मानी जाती थीं। बुशरा ने इमरान से शादी से पहले ही कहा था कि उनके प्रधानमंत्री बनने के लिए तीसरी शादी जरूरी है। अब लगता है कि बतौर धार्मिक गुरु बुशरा की भविष्यवाणी इमरान की पत्नी बनने के बाद सही साबित होने जा रही है।
– इमरान खान का राजनीतिक सफर 1996 में तहरीक-ए-इंसाफ नाम की पार्टी बनाने से शुरू हुआ। 1997 में वह अपना पहला चुनाव हार गए। फिर उन्होंने 2002 का चुनाव लड़ा। उनकी पार्टी की तरफ से बस उन्हें ही जीत मिली। नवंबर 2007 में जब तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशरर्फ ने आपातकाल की घोषणा की तो इमरान को भी जेल जाना पड़ा। इमरान खान ने 2008 के चुनावों का बहिष्कार किया।
– इमरान खान ने 2013 में ‘नया पाकिस्तान’ का नारा दिया। इमरान ने पाकिस्तान के ताकतवर राजनीतिक परिवारों शरीफ और भुट्टो परिवार के खिलाफ आक्रामक प्रचार किया। पनामा लीक्स में नाम आने पर इमरान के निशाने पर नवाज शरीफ और उनकी पार्टी पीएमएल नवाज रही। अब अगर इमरान पीएम बने तो एक तरह से यह शरीफ और भुट्टो परिवार के बाद अब नियाजी परिवारी की सियासत का दौर होगा।

विवादों में घिरे रहे हैं इमरान खान

पाकिस्तान में हुए आम चुनाव की मतगणना में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने सबसे ज्यादा सीटों पर जीत हासिल की। यह पार्टी क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की है, जिनकी लोकप्रियता के सामने पाकिस्तान में कोई दूसरा व्यक्ति नहीं टिक सकता। आपको बता दें कि इमरान खान का हमेशा से ही विवादों से गहरा नाता रहा है, कभी ड्रग्स लेने तो कभी मशहूर अभिनेत्रियों से रिश्ते को लेकर इमरान हमेशा सुर्खियों में रहे हैं। आइए इमरान खान से जुड़े पांच बड़े विवादों के बारे में जानते हैं।

ड्रग्स लेने का आरोप

वर्ष 1987 में पाक क्रिकेट टीम के वरिष्ठ खिलाड़ी कासिम उमर ने कहा था कि इमरान ड्रग्स लेते हैं। उन्होंने ये भी कहा था कि वह खुद इमरान को ड्रग्स उपलब्ध कराते रहे हैं। इस आरोप के बाद मामूली सी जांच-पड़ताल के बाद मामले को बंद कर दिया गया।

इमरान को कहा था अय्याश

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के एक और वरिष्ठ खिलाड़ी यूनिस अहमद ने इमरान खान पर अय्याश होने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि कोलकाता में भारत के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच के बाद इमरान की परिचित दो लड़कियों ने पूरी टीम के लिए पार्टी रखी। जिसमें ड्रग्स का सेवन भी हुआ। यूनिस का कहना था कि उसी पार्टी में उन्हें कई लड़कियों के साथ इमरान के ताल्लुकात के बारे में पता चला।

बदमिजाजी और गेंद से छेड़छाड़

1993 में मियांदाद ने खुलेआम इमरान को अक्खड़ और बदमिजाज बताया था। साथ ही इमरान ने अपनी आत्मकथा में स्वीकार किया है कि वो मैच के दौरान गेंदों से छेड़छाड़ करते रहे हैं।

लड़कियों और अभिनेत्रियों से रिश्ता

इमरान खान लड़कियों के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं और गाहे-बगाहे उनके अफेयर्स की चर्चा भी उड़ती रही है। इन अफेयर्स में सबसे बड़ा नाम पूर्व पाकिस्तानी पीएम बेनजीर भुट्टो, भारत की मशहूर अदाकारा जीनत अमान और अरबपति बिजनेसमैन की बेटी सीता व्हाइट का रहा। सीता व्हाइट ने तो आरोप भी लगाया था कि, इमरान से उन्हें एक बेटी है। हालांकि इमरान हमेशा इस आरोप को झूठ बताते रहे।

तीन शादियां और रेहम खान

इमरान खान की जेमाइमा गोल्डस्मिथ, रेहम खान और बुशरा मानेका से तीन शादियां हुई। जिसमें से वह अभी तीसरी पत्नी बुशरा के साथ रह रहे हैं। लेकिन रेहम खान की किताब की वजह से उनकी दूसरी शादी काफी चर्चा में रही। 10 महीने चले इस रिश्ते के बारे में हाल ही में इमरान ने कहा था कि, रेहम से शादी करना उनकी सबसे बड़ी गलती थी। आपको बता दें कि रेहम खान ने अपनी किताब में इमरान पर कई संगीन आरोप लगाए थे। रेहम ने लिखा कि इमरान खान का दिल पाकिस्तान के पूर्व आॅफ स्पिनर सकलैन मुश्ताक पर भी आया हुआ था। रेहम ने किताब में ये भी दावा किया कि एक महिला पत्रकार मुझसे मिली। जिसने पाकिस्तान फिल्म एक्ट्रेस रेशम का हवाला देते हुए कहा कि ट्रांसजेंडर डांसर रिमाल आजकल इमरान को अपनी सेवाएं दे रहा है। साथ ही उन्होंने इमरान के 5 नाजायज बच्चों और अपनी पार्टी की महिला कार्यकतार्ओं से शारीरिक संबंधों का जिक्र भी किया है।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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