Cover Story-मनोहर लाल के होश और दुष्यंत के जोश ने दी हरियाणा वासियों को पांच साल चलने वाली मजबूत सरकार

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मनोहर लाल के होश और दुष्यंत के जोश ने दी हरियाणा वासियों को पांच साल चलने वाली मजबूत सरकार

चंडीगढ़: भाजपा के 65 वर्षीय मनोहर लाल और जजपा के 31 वर्षीय दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा के विधान सभा चुनावों में उल्लेखनीय वोट हासिल करके न केवल प्रदेश वासियों का दिल जीता है बल्कि उन्हें पांच वर्ष चलने वाली एक मजबूत एवं सशक्त सरकार भी दी है, इस सरकार से जितनी उम्मीदें केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को हाई कमान को है उससे कहीं ज्यादा आशाएं हाल ही में गठित युवाओं के जोश से भरी जननायक जनता पार्टी को भी है। दोनों राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियां इस सरकार के माध्यम से हरियाणा की जनता के कल्याण के लिए किये गये अपने अपने वायदों को हर हाल में अमलीजामा पहनाना चाहते हैं। दोनों पार्टियों के इसी जोश का सीधा फायदा प्रदेश की जनता को होने वाला है।
दीपावली के सुअवसर पर हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य जी ने राजभवन में भाजपा के मनोहर लाल को दूसरी बार हरियाणा के मुख्यमंत्री (11वें मुख्यमंत्री ) जबकि जजपा सुप्रीमो दुष्यंत चौटाला को पहली बार हरियाणा के उपमुख्यमंत्री के पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। प्रदेश की नई सरकार बनते ही पूरे माहौल में खुशियों की लहर दौड़ गई। सबने एक दूसरे का मूंह मीठा करवाया। हरियाणा की मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा ने शपथ समारोह कार्यक्रम को आरम्भ किया। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल एवं केन्द्रशासित प्रदेश चण्डीगढ़ के प्रशासक श्री वी.पी.बदनौर, भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री जे.पी.नड्डा, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्दर सिंह रावत, केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, हरियाणा प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद डा. अनिल जैन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री सुभाष बराला,केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री कृष्ण पाल गुज्जर व श्री रतन लाल कटारिया राष्ट्रीय महामंत्री श्री बी.एल. संतोष, सांसद, नवनिर्वाचित विधायक, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री श्री प्रकाश सिंह बादलऔर बेटे अकाली दल सुप्रीमो सुखबीर बादल, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डड्ढा, पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक, हरियाणा सरकार के अनेक वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी ने खास तौर पर शिरकत की।
याद रहे हाल ही में हरियाणा में संपन्न हुए 90 विधान सभा चुनावों में भाजपा को 40, कांग्रेस को 31, जजपा को 10, निर्दलीयों को 8, इनेलो को 1 सीटों पर जीत हासिल हुई थी।
भाजपा को जजपा और कई निर्दलीयों ने समर्थन देने का अहम फैसला लिया। इस प्रकार भाजपा ने अपने 40 विधायकों के अलावा, जजपा के 10, निर्दलीयों के 07 विधायकों के समर्थन से प्रदेश में 57 विधायकों वाली मजबूत सरकार बनाई है। भाजपा को समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायकों में- बलराज कुंडू (महम), रणजीत चौटाला (रानियां), धर्मपाल गोंदर (नीलोखेड़ी), सोमवीर सांगवान (दादरी), रणधीर गोलन (पुंडरी), नयन पाल रावत (पृथला), राकेश दौलताबाद (बादशाहपुर) शामिल हैं।
याद रहे मनोहर लाल हरियाणा के 11वें मुख्यमंत्री हैं और पंजाबी बिरादरी से ताल्लुक रखते हैं। वे हरियाणा के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो गैर जाट समुदाय से आते हैं। वे लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री के पद पर विराजमान होने वाले पहले गैर जाट नेता भी हैं। वे भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रह चुके हैं। मनोहर लाल 24 साल की उम्र में आरएसएस से जुड़ गए थे। 1979 इलाहाबाद में हुए विश्व हिंदू परिषद के समागम में पहुंचे और कई संतों और संघ के प्रचारकों से मिले। 1980 में उन्होंने ताउम्र आरएसएस से जुड़ने और शादी न करने का फैसला लिया। उनके इस फैसले का घरवालों ने काफी विरोध किया, पर वे नहीं माने। लगातार 14 साल गुजरात, हिमांचल, जम्मू कश्मीर जैसे 12 राज्यों में काम करने के बाद उन्हें 1994 में संघ की तरफ से एक्टिव राजनीति में आने का मौका मिला। 1995 में बीजेपी ने उन्हें हरियाणा का संगठन मंत्री बनाया। 1996 में उन्होंने बंसीलाल की हरियाणा विकास पार्टी के साथ गठबंधन करके बीजेपी को सत्ता में हिस्सेदारी दिलाई। फिर जब देखा कि बंसीलाल सरकार की ठीक नहीं जा रही तो आलाकमान को सपोर्ट वापसी के लिए राजी किया। 2014 के विधानसभा चुनाव में करनाल सीट से उन्होंने पहली बार चुनाव लड़ा और रिकॉर्ड तोड़ मतों से जीत दर्ज करके 26 अक्टूबर 2014 हरियाणा के सीएम बने।हरियाणा की 13वीं विधानसभा में दूसरी बार करनाल का प्रतिनिधित्व करेंगे। वर्ष 2014 में भी वे मुख्यमंत्री बने थे और पूरे पांच साल सफलतापर्वूक सरकार चलाई थी।
इसी प्रकार दूसरी ओर जननायक जनता पार्टी के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला, ताऊ देवी लाल के परिवार से हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के पोते और ताऊ देवी लाल के पड़पोते हैं। दुष्यंत उचाना कलां से पहली बार विधायक बनकर उपमुख्यमंत्री बने हैं। दुष्यंत का यह दूसरा विधानसभा चुनाव था, लेकिन जीते पहली बार, 26 साल की उम्र में सबसे युवा सांसद बनने वाले दुष्यंत कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी से बिजनेस ग्रेजुएट हैं और वे नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से भी पढ़े हैं। चाचा अभय चौटाला से तकरार के बाद 10 महीने पहले ही उन्होंने जजपा का गठन किया, जो 2019 के विधानसभा चुनाव में 10 सीटें जीतकर किंगमेकर बनकर उभरी है। वर्ष 2014 में दुष्यंत इनेलो की टिकट पर उचाना कलां से हार गए थे। उन्हें चौधरी बीरेंद्र की पत्नी प्रेमलता ने हराया था। इस बार जजपा के बैनर तले दुष्यंत उचाना से ही जीते और उन्होंने प्रेमलता को ही हराया है। वहीं भाजपा की गठबंधन सरकार में उप मुख्यमंत्री पद पाकर दुष्यंत ने उचाना की चौधर भी कायम कर दी है। उनके दादा ओमप्रकाश चौटाला भी उचाना कलां से चुनाव लड़ते रहे हैं और जब चौधरी बीरेंद्र सिंह कांग्रेस में सीएम बनने की दौड़ में थे तो उन्हें बड़े चौटाला ने ही हराया था। इसके बाद बीरेंद्र सिंह कांग्रेस में बड़े नेता तो रहे पर मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल नहीं हो पाए। अब दुष्यंत ने उपमुख्यमंत्री बनकर फिर बीरेंद्र परिवार को राजनीतिक झटका दिया है। दुष्यंत परदादा ताऊ देवी लाल की नीतियों पर ही आगे बढ़ रहे हैं। ताऊ हरियाणा के मुख्यमंत्री रहने के साथ ही 1989 से 1991 तक उपप्रधानमंत्री रह चुके हैं। उस समय जनता दल की सरकार बनी थी।
बेटे के उप मुख्यमंत्री बनने पर दुष्यंत चौटाला के पिता अजय चौटाला काफी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि एक पिता के लिए इससे बड़ी और क्या बात हो सकती है। यह मेरे लिए दिवाली का सबसे बड़ा तोहफा है, जो बेटे ने दिया। मुझे पूरी उम्मीद है कि दुष्यंत जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। पूरे पांच साल सरकार काम करेगी और प्रदेश की जनता इससे निराश नहीं होगी। अजय चौटाला ने अपने बेटे दुष्यंत की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दुष्यंत ने कई लोगों को उनकी हैसियत बता दी है। उसने मात्र 11 महीने पहले पार्टी बनाई थी। हम तो जेल में बंद हैं। अपनी मेहनत के दम पर उसने एक संगठन को खड़ा किया। साथियों के साथ मिलकर उसने जो काम किया, आज नतीजे आपके सामने हैं। दुष्यंत मेरी सलाह के बगैर कोई फैसला नहीं लेता है। गठबंधन को लेकर भी उसने मुझसे बात की थी, इसके लिए मैंने सहमति दे दी।
मां नैना चौटाला और पत्नी ने भी खुशी जताई
बेटे को उपमुख्यमंत्री बनता देख उत्साहित दुष्यंत चौटाला की मां नैना चौटाला ने कहा कि हर मां-बाप बाप का सपना होता है कि उनके बच्चे बुलंदी तक पहुंचे। दुष्यंत मेहनती हैं और यह उनकी मेहनत का ही फल है। मैं कभी भी उपमुख्यमंत्री की रेस में ही नहीं थी। मैं तो फिलहाल बाढड़ा से विधायक हूं और इसी में खुश हूं और विधायक रहते हुए ही में जनता की सेवा करती रहूंगी। पति दुष्यंत चौटाला के उप मुख्यमंत्री बनने पर उन्हें शपथ लेता देख मेघना चौटाला भी खासी उत्साहित नजर आईं। मेघना चौटाला ने कहा कि दुष्यंत बहुत ही जिम्मेदार व्यक्ति हैं। उप मुख्यमंत्री बनने के बाद दुष्यंत अब प्रदेश की जनता के लिए और अच्छे से काम कर सकेंगे। हरियाणा की जनता को दुष्यंत से बहुत उम्मीदें हैं। मुझे भी उम्मीद है कि दुष्यंत उप मुख्यमंत्री की इस पारी में पूरी तरह सफल रहेंगे। जननायक जनता पार्टी ने बहुत संघर्ष किया है, यह उसी संघर्ष का परिणाम है।

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Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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