मुख्यमंत्री द्वारा चीन की आर्थिक चुनौती के मुकाबले के लिए सीमावर्ती पट्टी को औद्योगिक धुरे के तौर पर विकसित करने के लिए केंद्र सरकार को व्यापक नीति बनाने की अपील
नई दिल्ली, 1 अगस्त: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने चीन की आर्थिक चुनौती के मुकाबले के लिए सीमावर्ती पट्टी को औद्योगिक धुरे के तौर पर विकसित करने के लिए व्यापक नीति तैयार करने के लिए केंद्र सरकार से अपील की है और इसी दौरान उन्होंने सीमावर्ती राज्यों पंजाब और राजस्थान के लिए विशेष पैकेज दिए जाने की माँग भी दोहराई है।
सी.आई.आई और पंजाब ब्यूरो ऑफ इनवेस्टमैंट प्रमोशन द्वारा आयोजित प्रसिद्ध उद्योगपतियों के साथ विचार- विमर्श सैशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पिछले महीने प्रधानमंत्री के साथ सीमावर्ती इलाकों में खासकर पठानकोट से लेकर पाकिस्तान की सीमा के साथ-साथ औद्योगिक गलियारा स्थापित करने का मुद्दा उठाया था और उनको इस सम्बन्ध में हाँ -समर्थकी प्रोत्साहन की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने उद्योग को भरोसा दिलाया कि उनका पंजाब में निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और उनकी सरकार उद्योगपतियों को हर संभव सहायता देगी। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान राज्य में 10 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश पहले ही आ चुका है और उनकी सरकार का लक्ष्य इस राशि को वार्षिक तीन गुणा बनाने का है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार उद्योगों को हर सुविधा मुहैया करवाएगी और नीतियाँ तैयार करते समय उनके हितों को ध्यान में रखेगी। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पंजाब में काम की संस्कृति उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए बहुत ही ज़्यादा उपयुक्त है और राज्य में रोजग़ार और राजस्व पैदा किये जाने की ज़रूरत है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उन्होंने 55 साल की राजनीति के दौरान पंजाब के उद्योग में किसी भी तरह के विघ्न को कभी भी नहीं देखा क्योंकि यहाँ बहुत ही बढिय़ा श्रमिक हैं।
मुख्यमंत्री ने नयी औद्योगिक और व्यापारिक विकास नीति को और मज़बूत बनाने के लिए उद्योगों से सुझाव माँगे जोकि व्यापार को प्रोत्साहन देने और इसको आसान बनाने के लिए तैयार की गई है। उन्होंने पंजाब को देश में निवेश वाला सबसे पसन्दीदा राज्य बनाने के लिए अपनी वचनबद्धता दोहराई।
वर्ष 1966 में राज्य के बटवारे के समय पंजाब के उद्योग को बड़ा नुक्सान होने का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास और भूजल के और नीचे जाने और कृषि संकट जैसी समस्याओं के साथ निपटने के लिए उद्योग के रचनात्मक समर्थन की माँग की। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पानी के बढिय़ा प्रबंधन के लिए नीति पहलकदमियों की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने राज्य में पानी की गंभीर स्थिति और फ़सली विभिन्नता संबंधी समस्याओं में से निकलने और कृषि आय में सुधार लाने पर भी ज़ोर दिया।
इसी दौरान सवाल -जवाब के सैशन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब मंत्रीमंडल ने हाल ही में औद्योगिक नीति लागू करने के लिए अमली दिशा -निर्देशों को हाल ही में मंजूरी दी है जिनमें नवीनकरणीय और सौर्य ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इनवेस्टमैंट पंजाब के सी.ई.ओ. रजत अग्रवाल ने कहा कि राज्य द्वारा इमारतों की छतों पर प्रोजैक्ट लगाने पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है और इसके साथ ही रियायतों के आधारित भूमि लीज पर उपलब्ध करवाई जा रही है।
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा पहले पड़ाव के दौरान कम्प्यूूटरीकरन के लिए 400 सरकारी स्कूलों की पहचान की गई है। अगामी वर्षों में 17000 से अधिक स्कूलों का कम्प्यूूटरीकरन किया जायेगा।
एक अन्य सवाल के जवाब में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि नया कारोबार शुरू करना (स्टार्ट -अप) और नये उद्यमों के लिए नयी औद्योगिक नीति में विस्तार में जानकारी मुहैया करवाई गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने उद्योग के लिए साकारात्मक माहौल सृजन करने और आकर्षित रियायतों की पेशकश की है और उनकी सरकार निवेश करने के लिए आने वाले सभी उद्योगपतियों और उद्यमियों का भरपूर स्वागत करती है।
इससे पहले सी.आई.आई. के उत्तरी क्षेत्र के चेयरमैन सचित जैन ने औद्योगिक दिग्गजों के साथ अपने कारोबारी तजुर्बे सांझे किये। उन्होंने कहा कि पंजाब में बहुत ज़्यादा उत्पादन, मज़बूत काम संस्कृति और सरकार द्वारा नये प्रोजेक्टों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने पर ध्यान एकाग्र करने के साथ उद्योगपतियों को राज्य में निवेश के लिए उत्साहित किया जा रहा है।
श्री रजत अग्रवाल ने पंजाब में औद्योगिक विशेषताओं पर प्रकाश डालने के इलावा राज्य सरकार द्वारा दी जा रही रियायतों का भी जि़क्र किया। उन्होंने कहा कि देश भर में से पंजाब में ही उद्योगों को कम दरों पर बिजली मुहैया करवाई जा रही है और इसके साथ नये प्रोजेक्टों की स्थापना के लिए कौशल श्रमिक और उचित ज़मीन भी मौजूदा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास बेहतरीन हवाई और सडक़ ढांचा भी मौजूद है।
दा सुखजीत स्टार्च एंड केमिकल लिमटड के सीनियर वाइस प्रैज़ीडैंट और सी.ई.ओ. भवदीप सरदाना ने व्यापार को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार के यतनों की सराहना की। श्री सरदाना ने कहा कि पंजाब में सत्ता की तबदीली के बाद औद्योगिक माहौल में भी बड़ा बदलाव हुआ है जहाँ अब कारोबारी हितों के लिए सम्बन्धित अथॉरटी तक पहुँच सुविधाजनक, मसलों का जल्द हल और तत्काल मंजूरियां हासिल होने लगी हैं। श्री सरदाना, जिनकी कंपनी द्वारा वर्ष 1943 से राज्य में मक्का आधारित सबसे पुराने और बड़े यूनिट चलाए जा रहे हैं, द्वारा अब फगवाड़ा के नज़दीक मेगा फूड पार्क स्थापित किया जा रहा है।
सी.आई.आई. के वाइस चेयरमैन वीरेन पोपली ने उद्योग को कम दरों पर बिजली मुहैया करवाने के लिए पंजाब सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने मुख्यमंत्री और उनकी टीम द्वारा उद्योग और इसके साथ जुड़े मसलों और चिंताओं को समझने और उद्योगपतियों के हित वाली नयी औद्योगिक नीति लाने पर उनकी श्लाघा की। यह नीति सरकार की उद्योग के प्रति साकारतमक पहुँच दिखाती है।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने कुछ उद्योगपतियों के साथ विभिन्न तौर पर मीटिंगों करके निवेश और सहयोग के विशेष क्षेत्रों संबंधी भी विचार -विमर्श किया।
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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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