City Darpan

Media Bulletin-COVID-19 Department of Health & Family Welfare, Punjab

03rdJanuary 2021

Media Bulletin-COVID-19 Department of Health & Family Welfare, Punjab

1. Details of Samples and Cases:-

1Total Samples taken3955383
2Total Samples collected on the day17642
3Total Test Conducted19719
4Total No. of patients tested Positive167219
5No. of patients discharged158482
6Number of active Cases3361
7No. of Patients on oxygen support80
8Patients who are critical and on ventilator support9
9Total Deaths reported5376

On 03rd January 2021

1.Number of New patients on oxygen supportNIL
2.Number of New patients admitted in ICU07 (Ludhiana-6, Patiala-1)
3.Number of New patients put on ventilator support01 (Patiala-1)
4.Number of New patients discharged263 (Ludhiana-40, Jalandhar-31, Patiala-7,Amritsar- 40, Gurdaspur-9, Bathinda-28, Hoshiarpur- 25,Ferozepur-4, Pathankot-24,Kapurthala-17, Faridkot-9, Mukatsar-7,Fazilka-2, Ropar-10, FG Sahib-2, Barnala-3, SBS Nagar-2, Mansa-3)
5.Number of New deaths reported12 (Ferozepur-1, Gurdaspur-1, Hoshiarpur-2, Jalandhar-1, Mansa-1, Pathankot-2, Patiala-3, Ropar-1)

Patients reported Positive on 3rd January 2021- 210

DistrictNumber of CasesSource of Infection outside PunjabLocal CasesRemarks
Ludhiana26———-3 Contacts of Positive Cases, 8 New Cases (OPD), 11 New Cases (ILI), 1 New Case (HCW), 3 New Cases———-
Jalandhar16———-16 New Cases———-
Patiala28———-28 New Cases———-
SAS Nagar47———-———-Case details are pending as reports received late
Amritsar20———-11 Contacts of Positive Cases, 9 New Cases———-
Gurdaspur15———-3 Contacts of Positive Case, 12 New Cases———-
Bathinda12———-12 New Cases———-
Hoshiarpur5———-1 New Case (ILI), 2 Contacts of Positive Cases, 2 New Cases———-
Ferozepur1———-1 New Case———-
Pathankot3———-3 New Cases———-
Sangrur1———-———-Case details are pending as reports received late
Kapurthala1———-1 New Case———-
Faridkot3———-3 New Cases———-
Muktsar1———-1 New Case (OPD)———-
Fazilka3———-3 New Cases (OPD)———-
Moga1———-1 New Case———-
Ropar10———-10 New Cases———-
FG Sahib ——–——–———-
Barnala2———-2 New Cases———-
Tarn Taran ———-———-———-
SBS Nagar12———-1 New Case (ILI), 11 New Cases———-
Mansa3———-3 New Cases———-

Cumulative Cases:-

S. No.DistrictTotal Confirmed CasesTotal Active CasesTotal CuredDeaths
1.Ludhiana2487031823584968
2.Jalandhar2000331519044644
3.Patiala1582423115108485
4.SAS Nagar18304108816874342
5.Amritsar1456532613681558
6.Gurdaspur79681127603253
7.Bathinda91601978756207
8.Hoshiarpur7773897370314
9.Ferozepur4530334354143
10.Pathankot5744875501156
11.Sangrur4367274140200
12.Kapurthala4749814472196
13.Faridkot387556374574
14.Muktsar381731369096
15.Fazilka385547374068
16.Moga274728262693
17.Ropar33681033100165
18.FG Sahib2515272377111
19.Barnala228756216764
20.Tarn Taran2104111989104
21.SBS Nagar239555225783
22.Mansa239943230452
 Total16721933611584825376

*From Hoshiarpur 2 repeat case entries deleted

*From Patiala 1 repeat case entry deleted

Micro Containment Zones:-

s.noDistricts.no.MicrocontainmentsTotal population of the area contained
     
     
1Patiala1TejBagh Colony Around #1U43
 total  43
     
2Hoshiarpur1WARD NO.3 SHAM CHAURASI540
 total  540
     
3Jalandhar1Upkar Nagar111
 total  111
     
 GRAND TOTAL 3694

पंजाब को दिसंबर महीने दौरान 1067.21 करोड़ का जी.एस.टी. राजस्व हासिल हुआ, पिछले साल की अपेक्षा 5.77 प्रतिशत इज़ाफा

तीसरी तिमाही के दौरान राजस्व में 4.38 प्रतिशत वृद्धि हुई

चंडीगढ़, 3 जनवरी: पंजाब का दिसंबर 2020 महीने के दौरान कुल जी.एस.टी. राजस्व 1067.21 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल इसी महीने का कुल जी.एस.टी. राजस्व 1009.03 करोड़ था, जो कि पिछले साल की अपेक्षा 5.77 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

पंजाब के कर आयुक्त कार्यालय के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल से दिसंबर 2020 के दौरान पंजाब का कुल जी.एस.टी. राजस्व 7881.5 करोड़ रुपए था जबकि पिछले साल इन 9 महीनों के समय के दौरान कुल जी.एस.टी. राजस्व 9851.82 करोड़ रुपए था। इस तरह 20 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई है।

सरकारी प्रवक्ता ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि दिसंबर 2020 के महीने सुरक्षित राजस्व 2403 करोड़ है जिसमें से पंजाब राज्य ने 1067 करोड़ रुपए प्राप्त किये हैं, जो कि कुल सुरक्षित राजस्व का करीब 44.4 प्रतिशत बनता है। इस तरह दिसंबर 2020 के महीने के लिए बकाया मुआवज़े की राशि 1336 करोड़ है जो कि अभी तक प्राप्त नहीं हुई। इसी तरह अप्रैल से नवंबर 2020 के समय के दौरान मुआवज़े की राशि 8856 करोड़ रुपए बनती है जो कि बाकाया पड़ी है।

सरकारी प्रवक्ता ने आगे बताया कि राष्ट्रीय सकल जी.एस.टी. राजस्व संग्रह दिसंबर 2020 के महीने के दौरान 1,15,174 करोड़ रुपए है जबकि पिछले साल दिसंबर 2019 के महीने के दौरान राष्ट्रीय सकल जी.एस.टी.  राजस्व 1,03,184 करोड़ रुपए एकत्रित हुआ। इस तरह 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। उन्होंने आगे बताया कि तीसरी तिमाही (अक्तूबर से दिसंबर 2020) के समय के दौरान राष्ट्रीय सकल जी.एस.टी. राजस्व 3,25,292 करोड़ रुपए एकत्रित हुआ जबकि इसी समय के दौरान पिछले साल 2019 में 3,02,055 करोड़ रुपए एकत्रित हुआ था। इस तरह इस साल पिछले साल की अपेक्षा 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

जी.एस.टी. के अलावा पंजाब राज्य को वैट और सी.एस.टी. से भी टैक्स/राजस्व प्राप्त होता है। वैट और सी.एस.टी. एकत्रित करने में प्रमुख योगदान करने वाले उत्पाद शराब और पाँच पैट्रोलियम उत्पाद हैं। दिसंबर 2020 के महीने में वैट और सी.एस.टी. की कुलैक्शन 671.12 करोड़ रुपए है, जबकि पिछले साल दिसंबर 2019 के महीने के लिए यह कुलेक्शन 517.08 करोड़ रुपए थी। इस तरह इस साल पिछले साल के मुकाबले 29.79 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 

प्रवक्ता ने आगे बताया कि अप्रैल से दिसंबर 2020 के लिए वैट और सी.एस.टी. सकल राजस्व 4474.02 करोड़ रुपए रहा है जो कि पिछले साल के इसी समय के दौरान कुल राजस्व 4137.59 करोड़ रुपए था, जो कि 8.13 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

जी.एस.टी., वैट और सी.एस.टी. को अगर इक_े पढ़ा जाये तो दिसंबर 2020 दौरान कर की वसूली 1738.33 करोड़ रुपए थी जबकि पिछले साल दिसंबर 2019 के दौरान यही वसूली 1526.11 करोड़ रुपए थी। इस तरह दिसंबर महीने साल 2020 की वसूली बीते बरस की अपेक्षा 212.22 करोड़ रुपए (16 प्रतिशत) अधिक रही। इसी तरह तीसरी तिमाही (अक्तूबर -दिसंबर) के दौरान वसूली 5168.48 करोड़ रुपए हुई जबकि पिछले साल इसी समय के दौरान वसूली 4474.15 करोड़ रुपए हुई थी जोकि इस साल 15.51 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।

प्रवक्ता ने आगे बताया कि तीसरी तिमाही के दौरान औसतन जी.एस.टी. राजस्व में पिछले साल की तीसरी तिमाही के मुकाबले 4.38 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी जबकि दूसरी और पहली तिमाही में क्रमवार 11.06 प्रतिशत और 52.65 प्रतिशत कमी दर्ज हुई थी।

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पंजाब में जी.एस.टी. राजस्व संग्रह का तुलनात्मक अध्ययन:-

महीना 2019  2020

अप्रैल 1304.13 करोड़ 156.28 करोड़ रु

मई 998.13 करोड़ 514.03 करोड़

जून 950.36 करोड़ 869.66 करोड़ रु

जुलाई 1548.15 करोड़ 1103.31 करोड़

अगस्त 1014.03 करोड़ 987.20 करोड़ रु

सितंबर 974.96 करोड़ 1055.24 करोड़ रु

अक्तूूबर 929.52 करोड़ 1060.76 करोड़ रु

नवंबर 1122.93 करोड़ 1067.81 करोड़ रु

दिसंबर 1009.03 करोड़ 1067.21 करोड़ रु

 पंजाब के जीएसटी राजस्व संग्रह की तुलना (तिमाही वार) : –

 तिमाही 2019 2020 प्रतिशत वृद्धि/कमी

अप्रैल-जून (तिमाही-1) 3252.62 1539.97 -52.65

जुलाई-सितंबर (तिमाही-2) 3537.14 3145.75 -11.06

अक्तूबर-दिसंबर (तिमाही-3) 3061.48 3195.78 4.38

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केंद्र बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए मुफ्त कोविड वैक्सीन उपलब्ध करवाए – बलबीर सिद्धू

मोदी सरकार अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हट सकती

पंजाब में एक दिन में 4 लाख लोगों का टीकाकरण करने की क्षमता

पंजाब के पास राज्य के कोल्ड चेन स्टोरों में 1 करोड़ टीकों की मजबूत भंडारण क्षमता है

मुख्यमंत्री के घर-घर रोजगार योजना के तहत अकेले स्वास्थ्य विभाग में 10,049 भर्तियां की गईं

सरबत सेहत बीमा योजना के तहत 4,99,593 लाभार्थियों को 574.86 करोड़ रुपये की उपचार सेवाएं प्रदान की गईं

नशामुक्ति कार्यक्रम के तहत महामारी के दौरान 2 लाख से अधिक नए रोगियों (नशा पीडि़तों) ने मुफ्त इलाज के लिए दाखिला लिया

चंडीगढ़, 3 जनवरी: मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व में पंजाब राज्य ने कोविड-19 महामारी के प्रतिदिन के प्रबंधन के संबंध में तुरंत निर्णय लेने में बहुत ही सक्रियता दिखाई है और केंद्र सरकार को चाहिए कि यह पंजाब में निर्धारित समय में कोरोना वैक्सीन मुफ्त प्रदान करवाए। यह बात स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री बलबीर सिंह सिद्धू ने आज यहां चंडीगढ़ के पंजाब भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही।

श्री बलबीर सिद्धू ने कहा कि महामारी को नियंत्रित करने के लिए समय-समय पर कड़े कदम उठाए गए। अब, मोदी सरकार कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति करने के अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हट सकती। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 5364 कोविड से संबंधित दुर्भाग्यपूर्ण मौतें हुई हैं, जो प्रति मिलियन लगभग 178 मौतें हैं। दिल्ली में कुल 10,577 कोविड-19 से संबंधित मौतें हुईं हैं और इसकी प्रति मिलियन दर 528 मौतें हैं जो काफी अधिक है। हमारी स्थिति दूसरे राज्य की तुलना में काफी बेहतर है। पंजाब में स्वस्थ होने की दर 95 प्रतिशत है और सक्रिय मामलों में दिन-प्रतिदिन गिरावट आ रही है।

राज्य में टीकाकरण की तैयारियों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब टीकाकरण अभियान के लिए पूरी तरह से तैयार है और राज्य में एक दिन में 4 लाख लोगों को टीका लगाने की क्षमता है। इसके बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य ने अपने कोल्ड चेन सेंटरों में 1 करोड़ टीकों की मजबूत भंडारण क्षमता स्थापित की है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने बच्चों के नियमित टीकाकरण के 95 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य को भी हासिल किया है जो देश में सबसे अधिक है।

स्वास्थ्य विभाग में की गई प्रमुख भर्ती पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब के घर-घर रोजगार योजना के तहत पिछले 3 वर्षों में कुल 10,049 भर्तियाँ की गई हैं। उन्होंने कहा कि 649 विशेषज्ञ, 875 चिकित्सा अधिकारी, 960 स्टाफ नर्स और 2250 अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ को नियमित आधार पर भर्ती किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 833 विशेषज्ञों और चिकित्सा अधिकारियों और 4212 पैरा मेडिकल, 205 मंत्रालयिक कर्मचारियों और 14 वर्ग चार की भर्ती की गई है। इसके अलावा स्टेट हैल्थ एजेंसी के तहत 51 स्टाफ सदस्यों की भर्ती की गई है।

बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि भारत सरकार की मूल योजना आयुष्मान भारत के दायरे को एसईसीसी डेटा-2011 के अनुसार केवल 14 लाख परिवारों तक सीमित रखा गया था, जबकि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इन परिवारों की संख्या को लगभग 40 लाख तक बढ़ाने का फैसला किया। अब तक 4,99,593 लाभार्थियों को 574.86 करोड़ रुपये की इलाज सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं जिसका 418 करोड़ रूपए के प्रीमियम का भुगतान बीमा कंपनी को किया गया जा चुका है। 6246 हार्ट सर्जरी, 95,122 डायलिसिस, 9164 कैंसर का इलाज, 7497 नियो नटल और 3532 जॉइंट्स रिप्लेसमेंट निशुल्क किए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि महामारी के दौरान नशा पीडि़तों के लिए उपचार सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए राज्य के विभिन्न नशामुक्ति केंद्रों में 2 लाख से अधिक नए रोगियों (नशा पीडि़तों) ने महामारी के दौरान दाखिला लिया।

इस अवसर पर बोलते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य हुसन लाल ने कहा कि राज्य में लगभग 70 लाख लोगों का चरणबद्ध तरीके से टीकाकारण किया जाएगा, जिसमें 1.6 लाख स्वास्थ्य कर्मी, अन्य फ्रंटलाइन कर्मी, 50 वर्ष से अधिक आयु के लोग और सह-रोगों वाले 50 से कम आयु के लोग शामिल हैं। आयु के मानदंड 1 जनवरी, 2021 से माने जाएंगे। पहले चरण में सभी 1.6 लाख स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग की संपूर्ण उपलब्धि और प्रगति को मीडिया के साथ साझा किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (श्रम), वी.के. जंजुआ, सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, प्रबंध निदेशक पंजाब हैल्थ सिस्टम कार्पोरेशन तनु कश्यप, विशेष सचिव स्वास्थ्य अमित कुमार, स्वास्थ्य मंत्री के ओएसडी डॉ. बलविंदर सिंह, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. जीबी सिंह, निदेशक परिवार कल्याण डॉ. अंदेश कंग, निदेशक ईएसआई पंजाब डॉ. ओपी गोजरा, निदेशक खरीद डॉ. राजेश शर्मा, राज्य नोडल अधिकारी कोविड-19 डॉ. राजेश भास्कर और अन्य सेवा अधिकारी भी उपस्थित थे।

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हरसिमरत बादल काले खेती कानून लाने में अपनी शमूलियत से मुकर नहीं सकती – रंधावा

कैबिनेट में शमूलियत दस्तखतों से बड़ा सबूत

कांग्रेसी मंत्री ने हरसिमरत को बयान देने से पहले बड़े बादल से जानकारी लेने की सलाह दी

चंडीगढ़, 3 जनवरी: सीनियर कांग्रेसी नेता और कैबिनेट मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने हरसिमरत कौर बादल द्वारा खेती कानूनों संबंधी दिए भ्रामक बयान पर बोलते हुए कहा कि अकाली दल और बादल परिवार की बहु काले खेती कानून लाने में अपनी हिस्सेदारी से जितना मजऱ्ी टालमटोल कर ले परन्तु वह किसानी का गला घोटने के लिए अपनी शमूलियत से भाग नहीं सकेंगी।

हरसिमरत बादल द्वारा खेती ऑर्डीनैंसों पर अपने दस्तखत सिद्ध करने की चुनौती को खुलेआम कबूलते हुए स. रंधावा ने कहा कि जब कैबिनेट मीटिंग में समूचा फ़ैसला लिया जाता है तो इसमें शामिल समूह मंत्रियों की सहमति दस्तखतों से बड़ा सबूत होती है। उन्होंने चुटकी लेते हुए हरसिमरत बादल को स्पष्ट करने के लिए कहा कि अपने छह साल केंद्रीय मंत्री के कार्यकाल के दौरान केंद्रीय कैबिनेट की तरफ से किये फ़ैसलों पर किस आधार पर वाह-वाह लूटती रहीं। उन्होंने साथ ही सलाह दी कि यह बयान देने से पहले अपने ससुर साहिब से पूछ लेना चाहिए था कि कैबिनेट की तरफ से लिए गए फ़ैसलों में मंत्रियों की सहमति होती है या नहीं। उन्होंने कहा कि इस मामले में पाँच बार मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल ज़्यादा अच्छी तरह समझा सकते हैं।

सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने हरसिमरत को सवाल करते हुए कहा कि काले खेती ऑर्डीनैंस लाने के बाद इसकी तरफ़दारी के लिए बादल परिवार द्वारा बांधे गए तारीफों के पुलों बारे भी वह अपना स्पष्टीकरण दें। जून 2020 में ऑर्डीनैंस पास करने के बाद हरसिमरत बादल की तरफ से जहाँ इसके हक में इंटरव्यूज़ दिए गए वहीं बड़े बादल  से भी इसके हक में बयान दिलाया गया।

कांग्रेसी नेता ने कहा कि बादल परिवार काले खेती कानून लाने में अपनी शमूलियत से मुकर नहीं सकता और हरसिमरत का झूठा प्रचार अकाली दल द्वारा किसानों के साथ किए गए विश्वासघात से नहीं बचा सकता।

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PGIMER organises Post Discharge Follow Up Consultation for COVID Warriors on New Year Day

COVID Warriors salute ‘resilience’ & ‘self-les service’ of PGIMER

Chandigarh : 1 January : Coinciding with the spirit of hope and positivity of the New Year, PGIMER took another step forward as the Institute organised Post Discharge Follow Up Consultation, an initiative to address the post COVID medical & psychological issues of COVID Warriors at NHE, the dedicated COVID hospital here at PGIMER today.

Prof. Jagat Ram, Director PGIMER graced the occasion as the Chief Guest and other dignitaries marking their personal presence included Prof. G.D. Puri, Dean (Academics) & Head, Deptt. of Anaesthesia & Intensive Care, Mr. Kumar Gaurav Dhawan, Deputy Director Administration, Mr Kumar Abhay, Financial Advisor, Prof. Ashok Kumar, Acting Medical Superintendent & Official Spokesperson, Prof. Ashish Bhalla & Prof. Pankaj Malhotra from Deptt. of Internal Medicine, Prof. Mini P Singh, Deptt. of Virology, Senior faculty, resident doctors, nursing officers, technical staff of COVID-19 team. 

Addressing the audience, Prof. Jagat Ram, Director PGIMER said, “The COVID pandemic has taken a heavy toll on human health and lives, but it has also provided PGIMER an unprecedented opportunity to rise above the occasion, to demonstrate our extraordinary capacity for hard work and innovation; competence and courage as well as to serve as a mentor institution for this part of the country.” 

Prof. G.D. Puri, Dean (Academics),who is spear-heading the COVID initiative in PGIMER, credited the success to team work as he said, “It is indeed extremely gratifying to see all the teams from different specialties in PGIMER working in tandem to face this big challenge and being instrumental in saving so many lives.”

The high point of the event was the presence of those 20 spirited COVID Warriors accompanied by their families and friends, who had fought hard and won their battle against COVID. They included Mr. Dharam Pal Garg (73);Mr. Manoj Kumar (42); Mr. Gurdeep Singh (65); Mr. Sanjay (40); Mr. Anil Kumar (42); Mr. Chaman Lal (63); Ms Leena Sagar (61); Mr Subhash Chander (70); Mr. Hem Raj (73); Mr. Rahul Aggarwal (43); Mr.Poonam Rani (57); Mr Madan Mohan (85); Dr Mohit Bansal (36); Ms Rekha Rani (50); Rajiv Tangri (62), Kajal Kumar,  Dr Kapil and Mr. Arun Sood, President Chandigarh BJP.   

Though ranging in the age bracket of thirties to eighties, and coming from different backgrounds, what united the was their tough fight with COVID, their hard days in ICU, their moments of tribulations and triumph and their emotional and moving accounts of gratitude and appreciation for the PGIMER team.

Expressing his sentiments, Mr. Hem Raj, who had spent 22 days in ICU, stated, “I don’t have words to thank all the health care workers of PGIMER who looked after and treated me 24X7 even at the risk of their own life. I owe my post COVID life to their dedication.” Echoing his sentiments was Mr. Rajiv Tangri, who had the longest stay in ICU of over a month including 20 plus days on ventilator, as he said, “Probably, I will never be able to truly put it into words just how grateful I am to the COVID-19 team of PGIMER, who have literally saved me otherwise I would have gone forever.” Mr. Dharam Pal also felt equally indebted as he said, “My family was convinced that the only place that could save me was PGIMER.” Mr. Arun Sood, BJP Chandigarh President also had loads of appreciation for PGIMER as he stated, “This time of turmoil and crisis of COVID-19 has proved that the real heroes in this fight are the health care workers. They are stretching way beyond to save the patients and give them another lease of life.” Dr Kapil from the Deptt. of Virology, also a COVID Warrior had the audience burst into laughter with his experience sharing. He said that he felt so proud to be a part of the PGIMER team as the treatment, hospitality and infrastructure was all perfect which made it easy to deal with the demon of COVID 19.” Dr Mohit Sood, while praising the patience and grit of health care workers said, “Hats off to them as working in PPE kits in those days of scorching heat and exhaustion and staying away from families while risking their own lives is what makes them and not us, real warriors.”

The event concluded with the felicitation of the dignitaries and delegates. 

Teacher’s Day Celebration

जे.के.एम.वेल्फेयर फाउंडेशन ने रोटरी चंडीगढ़ सिटी ब्युटिफुल के सहयोग से टीचर्स डे के मौके पर मुख्य अतिथि एवं जाने माने नैच्रोपैथ डाक्टर एम पी डोगरा को आज बेस्ट टीचर के सम्मान से नवाजा। इस मौके पर डा. डोगरा को उक्त सम्मान फाउंडेशन के चेयरमैन श्री सतपाल शर्मा जी के आधार पर फाउंडेशन के डायरेक्टर डॉ. भुपेंद्र शर्मा जी ने दिया। गांधी स्मारक भवन सेक्टर 16 में आयोजित इस कार्याक्रम की अध्यक्षता गांधी स्मारक भवन के निदेशक डॉ. देवराज त्यागी जी ने की। इस मौके पर रोटरी चंडीगढ़ सिटी ब्युटिफुल के अध्यक्ष वैभव गर्ग और सचिव प्रितिश गोयल जी भी मौजूद रहे।
बेस्ट टीचर का सम्मान पाते ही डा. डोगरा ने अपने संबोधन में कहा कि वे नैच्रोपैथी से पिछले 1998 में अप्रत्यक्ष रूप से जबकि वर्ष 2001 से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। पिछले 20 सालों से गांधी स्मारक भवन सेक्टर 16 में छात्र-छात्राओं को नैच्रोपैथी की शिक्षा दे रहे हैं। आजतक हजारों विद्यार्थी आपसे नैच्रोपैथी सीख कर या तो अच्छे चिकित्सा संस्थानों में या फिर अपने अपने निजी नैच्रोपैथी सेंटर खोल कर आम जन की सेवा कर रहे हैं।
याद रहे गांधी स्मारक भवन के निदेशक डॉ. देवराज त्यागी जी की खास रूचि के चलते यहां पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू काश्मीर और देश के अन्य हिस्सों से छात्र-छात्राएं नैच्रोपैथी की पढ़ाई पढ़ने आते हैं और तो और मौजूदा कोरोना काल में भी उनके लिए आॅन लाइन शिक्षा का प्रबंध किया गया है।
डॉ. डोगरा ने बताया कि यह दु:ख की बात है कि मौजूदा हालात में केंद्र और राज्य सरकारें बजाय कि नैच्रोपैथी पर आधारित मेडिकल एजुकेशन सेंटर खोलने के मेडिकल कालेज और अस्पताल खोलने पर बल दे रही हैं। उन्होंने बताया कि नैच्रोपैथी ही चिकित्सा क्षेत्र में सभी पैथियों की बुनियाद होती है। यह एक ऐसी विधा है जिसमें रोगी विशेष का इलाज दवाओं से नहीं बल्कि उसकी दिनचर्या, भोजन और रहने के तौर तरीकों में परिवर्तन कर किया जाता है, और आपको जानकर ताज्जुब होगा कि आज ज्यादातर रोग लाइफ स्टाइल डिजीजिज़ माने जाते हैं यानि कि गलत जीने के तरीके के कारण पैदा होने वाले रोग। इतना ही नहीं नैच्रोपैथी में जहां रोगी को रोग मुक्त किया जाता है तो वहीं सेहतमंद व्यक्ति को जीने के सही तौर तरीकों से अवगत कराया जाता है ताकि वह कभी बीमार पड़े ही नहीं। इस विधा में पंचमहा भूतों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाती है। बताया जाता है कि आपने किस मौसम में क्या खाना है क्या नहीं। कैसे खाना है कैसे नहीं। उन्होंने बताया कि आपने देखा होगा कि मजदूर सदैव प्रकृति से जुड़े रहते हैं इस लिए उन्हें कभी कोई रोग नहीं घेरता जबकि दूसरी ओर हम और आप मौसम की हल्की तबदीली भी नहीं झेल पाते। इसका मुख्य कारण हमारे अंदर पनप रहे विभिन्न टॉक्सिन होते हैं। जिस प्रकार हमारे शरीर में प्रवेश के लिए केवल मुंह का एक रास्ता होता है मगर दूसरी ओर शरीर में से टॉक्सिन निकालने के चार मार्ग रहते हैं चमड़ी, किडनी, बड़ी आंत और फेफड़े। गर हमारे अंदर टॉक्सिन पानी का है तो वह चमड़ी (पसीने से)और किडनी (मूत्र से)के जरिए बाहर निकाला जाता है और गर गैस से संबंधित है तो उसके लिए फेफड़े मौजूद हैं ठीक वैसे ही सख्त टॉक्सिन को बड़ी आंत मल के दुवारा शरीर से बाहर निकालती है। मगर हम हैं कि इस भगवान के दिये हुए दिव्य ज्ञान को समझ ही नहीं पाते हैं।
दूसरी ओर गांधी स्मारक भवन के निदेशक डॉ देवराज त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि आज का शिक्षक दिवस बड़ा ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के रूप में यह शिक्षक दिवस मनाया जाता है इसका मुख्य कारण है डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के वे मूल्यवान विचार रहे जिनमें जब उनसे किसी ने यह पूछा कि वे उनका जन्म दिवस मनाना चाहते हैं तो उन्होंने दो टूक कहा कि उनका जन्म दिवस न मनाकर शिक्षकों का दिवस मनायें क्योंकि एक शिक्षक ही होते हैं जो किसी देश के निर्माता को उस कदर घड़ते हैं कि वह देश की बागडोर अच्छे से संभाल सके। ऐसा ही एक वाक्य तब हुआ जब उनसे राष्ट्रपति का कार्याकाल पूरा होने पर पूछा गया कि वे अब क्या करना पसंद करेंगे तो उन्होंने बेझिजक उत्तर दिया था कि वे एक शिक्षक बनना पसंद करेंगे। उन्हें शिक्षक की पदवी राष्ट्रपति के पद से भी बड़ी और महत्वपूर्ण लगती थी। इस अवसर पर रोटरी चंडीगढ़ सिटी ब्युटिफुल के अध्यक्ष वैभव गर्ग और सचिव प्रितिश गोयल जी ने भी अपने अपने विचार रखे और मुख्यअतिथि डा. डोगरा को सम्मानित किया।

First Foundation Day

जे.के.एम.वेल्फेयर फाउंडेशन ने आज चंडीगढ़ सेक्टर 16 स्थित गांधी स्मारक भवन में भगवान श्री कृष्ण जी के प्रिय पेड़ कदम्भ का पौधारोपण एवं मेडिसिनल प्लांट्स का वितरण करके अपना पहला स्थापना दिवस मनाया। फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्याक्रम की अध्यक्षता गांधी स्मारक भवन के निदेशक डॉ. देवराज त्यागी जी ने की। इस मौके पर फाउंडेशन के फाउंडर चेयरमैन श्री सतपाल शर्मा जी ने बतौर मुख्य अतिथि कदम्भ के पौधे का रोपण गांधी स्मारक भवन सेक्टर-16 के परिसर में किया और 101 विभिन्न मेडिसिनल प्लांट्स का वितरण भी किया। इस से पहले श्री शर्मा जी ने गांधी स्मारक भवन में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्प भी अर्पित किये उनके साथ फाउंडेशन के डायरेक्टर डॉ. भुपेंद्र शर्मा जी भी उपस्थित हुए। अपने संबोधन में श्री सतपाल शर्मा जी ने बताया कि जिस प्रकार उन्होंने फाउंडेशन के प्रथम स्थापना दिवस के मौके पर खास तौर पर पौधारोपण के लिए भगवान श्री कृष्ण जी के प्रिय पेड़ कदम्भ के पौधे का चयन किया इसका मुख्य कारण इस पौधे का धार्मिक महत्व तो है ही साथ में इसका औषधीय महत्व भी है। उन्होंने कहा कि इस पौधे के पत्ते किसी भी प्रकार के गंभीर चर्म रोगों के लिए रामबाण साबित होते हैं इतना ही नहीं यह पौधा नासूर बन चुके जख्मों के लिए भी महत्वपूर्ण औषधी का काम करता है। इस पौधे की एक खास बात यह भी है कि इस पर कभी कोई विषैला कीड़ा अथवा सांप नहीं आता और तो और जिस व्यक्ति विशेष को कभी कोई सर्प डस लेता है तो इस पौधे के पत्ते का रस उस जहर को दूर करने में अहम भूमिका अदा करता है। श्री शर्मा जी ने कहा कि इस पौधे के महत्व के बारे में हिंदुओं के धामर््िाक ग्रंथों में जिक्र आता है कि भगवान श्री कृष्ण उक्त कदम्भ के पेड़ के नीचे बैठ कर बांसुरी बजाया करते थे और गाय चराते समय वे इस पेड़ की निर्मल छाया में सोया तो करते ही थे साथ में इस पर चढ़ कर विभिन्न क्रिड़ाएं भी किया करते थे। चेयरमैन जी ने बताया कि जिस प्रकार उन्होंने कदम्भ के उक्त पौधे का रोपण किया है और जैसे जैसे यह पौधा विशाल पावन वृक्ष का रूप धारण करेगा उनकी समाज सेवा से जुड़ी नो प्रॉफिट नो लॉस पर आधारित जे.के.एम.वेल्फेयर फाउंडेशन भी बुलंदियों तक पहुंचते हुए गरीबों का सहारा बनने का भरपूर प्रयास करेगी।
इस मौके पर फाउंडेशन के फाउंडर चेरयमैन श्री सतपाल शर्मा जी ने गांधी स्मारक भवन के निदेशक डा. देवराज त्यागी जी की उपस्थित में 101 औषधीय पौधों का वितरण किया। ये पौधे द सिटी ब्युटिफुल चंडीगढ़ के विभिन्न हिस्सों में लगाये जायेंगे और पर्यावरण संरक्षण में अहम रोल अदा करेंगे। फाउंडेशन ने उक्त पौधों में तुलसी,एलोविरा, गिलोय, गोटुकोला,बेसिल,पुदीना,लेमन बाल्म,अश्वगंधा,लेमन ग्रास आदि वितरित किये।
दूसरी ओर गांधी स्मारक भवन के डायरेक्टर डॉ. देवराज त्यागी जी ने फाउंडेशन द्वारा आयोजित उक्त पौधारोपण एवं पौधा वितरण कार्यक्रम की भरपूर प्रशंसा की और कहा कि उक्त कार्यक्रमों से जहां एक ओर पृथ्वी के पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलती है तो वहीं यह मानसून का सही मौका है जिसमें उक्त पौधारोपण को सही अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है इससे हम आज की नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ीयों की मदद करते हैं। इस अवसर पर गांधीवादी विचारधारा से जुड़े श्री एस.के.शर्मा जी ने भी शिरकत की।