सलाहकार विजय कुमार ने जेकेएसएफसी की कार्यप्रणाली की समीक्षा की पारदशर्िता लाने हेतु सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाएं अपनाने, वनों के विकास हेतु समुदाय भागेदारी पर बल दिया
श्रीनगर 16 जुलाई 2018-राज्यपाल के सलाहकार के. विजय कुमार ने आज जम्मू व कष्मीर राज्य वन निगम से निगम की कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्षिता लाने के अलावा लकडी निकालने की लागत को कम करने हेतु जरूरी मषीनरी तैनात करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाएं अपनाने के लिए कहा। उन्होंने राज्य में वनों के विकास तथा संरक्षण हेतु समुदायिक भागेदारी की आवष्यकता पर भी बल दिया।
सलाहकार ने जम्मू व कष्मीर राज्य वन निगम के कामकाज की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रभावषाली आंतरिक तथा बाहरी सतर्कता से निगम को मजबूत तथा अधिक पारदर्षी बनाया जा सकता है।
वन एवं पर्यावरण आयुक्त सचिव सोरभ भगत, जेकेएसएफसी के एमडी सुरेष चुग, विŸा निदेषक वन तथा जेकेएसएफसी और वन विभाग के अन्य वरिश्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
निगम के कार्य की समीक्षा करते हुए सलाहकार को हाल ही के वर्शों में निगम द्वारा किये गये लकडी निकालने के कार्य तथा उपभोक्ताओं को बेची गई लडकी से प्राप्त किये गये राजस्व की जानकारी दी गई। यह सुचित किया गया है वर्श 2016-17 के दौरान निलामी के माध्यम से 27.9 लाख गनमीटर लकडी तथा वर्तमान वर्श में अब तक 41.62 लाख गनमीटर लकडी बिक्री की गई है। बैठक में बताया गया कि आयातित लकडी के अंतर्वाह में अत्याधिक बढ़ोतरी बाजार में वर्श 2017-18 में 61.47 लाख गनमीटर पहुंची है जिससे एसएफसी द्वारा लकडी की पूरी बिक्री पर गम्भीर प्रभाव पड़ा है।
जेकेएसएफसी के एमडी सुरेष चुग ने बैठक को निगम द्वारा लकडी की बिक्री की प्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए सलाहकार को सूचित किया कि यह बिक्री श्रीनगर तथा जम्मू के नगर पालिका क्षेत्र में खुली निलामी, उचित मुल्य डिपुओं, लददाख में उचित मुल्य डिपुओं के माध्यम से होती है।
राज्य में डिपुओं की संख्या तथा दामों जिनपर उपभोक्ताओं को रियायती दामों पर लकड़ी बेची जाती है, पर विस्तृत चर्चा करते हुए सलाहकार ने लकडी के दामों को सुचारु बनाने तथा एक सप्ताह के समय के भीतर रिपोर्ट पेष करने के लिए कहा।
निगम के विŸाीय प्रदर्षन के बारे में सलाहकार को सुचित करते हुए बताया गया कि जेकेएसएफसी ने वर्श 2016-17 में राज्य में 27.9 गनमीटर लकड़ी की बिक्री से 13.98 करोड़ रुपये तथा वर्श 2017-18 में 41.62 लाख गनमीटर लकड़ी की बिक्री से 19.14 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है।
बैठक में लकडी के परिवहन से सम्बंधित विभिन्न तत्वों की जानकारी दी गई। बेहतर परिणामों की प्राप्ति तथा लकड़ी निकालने की लागत को कम करने के लिए सलाहकार ने लकड़ी निकालने तथा परिवहन कार्य के लिए जरूरी मषीनरी का उपयोग करने का सुझाव दिया।
निगम की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का विवरण देते हुए जेकेएसएफसी के एमडी ने निगम को मजबूत बनाने हेतु गत 2 वर्शों के दौरान उठाये गये कदमों के बारे में बताया, जिनमें लकड़ी का सुचारू वितरण, लकड़ी वितरण के लिए नकद के बजाय बैंक ड्राफ्टों के माध्यम से भुगतान देना, देनदारियों का निपटान, ई-टैंडरिंग के लिए निविदा कार्य का स्थानांतरण, वन विकास एंव सुरक्षा परियोजना के लिए वन विभाग को 2 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाना आदि षामिल हैं।

सामाजिक जिम्मेदारियों से सम्बंधित यह जानकारी दी गई कि निगम प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ितों को रियायती दामों पर लकडी उपलब्ध करवा रहा है।
बैठक में कर्मचारियों के मुददों सहित एसएफसी के विभिन्न मुददों तथा चिंताओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
सलाहकार ने अधिकारियों को आष्वासन दिया कि सरकार द्वारा सभी संभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने प्रबंधन पर निगम को अधिक लाभप्रद बनाने हेतु अपने प्रयासों को बढ़ाने के लिए बल दिया तथा वित्तीय स्वास्थ्य में सुधार लाने और अपनी वित्तीय जरूरत को पूरा करने के लिए अतिरिक्त राजस्व प्राप्ति हेतु गतिविधियां षुरू करने के लिए कहा।
उन्होंने प्रणाली को सुचारू बनाने हेतु सभी आवष्यक कदम उठाने के निर्देष दिये ताकि उपभोक्ताओं को लकड़ी का सुचारू वितरण सुनिष्चित हो सके और आपूर्ति प्रणाली में पारदर्षिता एवं दक्षता लाई जा सके।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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