सलाहकार व्यास ने ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
वितरण, ट्रांसमिशन नुकसान, बिजली चोरी को रोकने पर बल दिया
श्रीनगर, 14 जुलाई 2018-राज्यपाल के सलाहकार बी बी व्यास ने आज एक बैठक की अध्यक्षता कर ऊर्जा विकास विभाग के कामकाज की समीखा की तथा बिजली की चोरी के अलावा ट्रांसमिषन तथा वितरण नुकसान को रोकने के निर्देष दिये।
पीडीडी आयुक्त सचिव हृदेष कुमार, ऊर्जा विकास आयुक्त असगर अली मजाज, जेकेएसपीडीसी के कार्यकारी निदेषक अजय गुप्ता, पीडीडी की विभिन्न विंगों के मुख्य अभियंता, अधीक्षक अभियंता तथा अन्य वरिश्ठ अधिकारी बैठक में उपसिथत थे। ईएंडएमआरई जम्मू के मुख्य अभियंता तथा अधीक्षक अभियंताओं ने भी विडियों कान्फ्रैसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
इस अवसर पर व्यास ने प्रधानमंत्री विकास पैकेज के अंतर्गत मंजूर परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी मांगी। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में स्मार्ट ग्रिड की स्थापना और षहरी क्षेत्रों के लिए 2 लाख स्मार्ट मीटर और पीएमडीपी तथा अन्य प्रमुख योजनाओं में षामिल 9.25 लाख उपभोक्ता मीटर के साथ उन्नत तकनीकी हस्तक्षेप परियोजनाओं के कार्यान्वयन की स्थिति भी मांगी।
राज्य में बिजली की चोरी को रोकने पर दबाव डालते हुए सलाहकार ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों के लिए स्मार्ट ग्रिड परियोजनाएं विभाग को रिमोट कंट्रोल सैंटर पर इन क्षेत्रों के लिए निगरानी और नियत्रंण आपूर्ति के लिए सक्षम बनायेंगी।
उन्होंने षहरी क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रीपेड मीटर की यथाषीघ्र स्थापना करने के निर्देष दिये। प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं द्वारा उसी तरह चार्ज किया जा सकता है जैसे प्रीपेड मोबाईल फोन चार्ज किये जाते है।
व्यास ने विभाग को सभी मौजूदा कन्वेषनल मीटरों को स्मार्ट मीटर तथा प्रीपेड मीटर के साथ 2 साल के समय में बदलने के लिए कहा।
सलाहकार ने समय समय पर परियोजनाओं को पूरा करने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देष जारी किये और अधिकारियों को सीई स्तर पर मासिक प्रगति की समीक्षा करने के निर्देष दिये। उन्होंने जल्द से जल्द सम्बंधित विभागों के समक्ष भूमि अधिग्रहण से सम्बंधित मुद्दों को रखने के निर्देष भी दिये।
बैठक के दौरान पीडीडी के आयुक्त सचिव ने बैठक को सूचित किया कि भारत सरकार ने ऊर्जा विकास विभाग के ट्रांसमिषन तथा वितरण क्षेत्रों की क्षमता वृद्धि तथा इसे मजबूत बनाने के लिए डीडीयूजीजेवाई, आरजीजीवीबाई-2, आईपीडीएस तथा पीएमडीपी के अंतर्गत 8011 करोड की लागत वाली परियोजनाएं मंजूर की हैं।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के अंतर्गत कार्यो को 380 परियोजनाओं में बांटा गया है, जिन में से 361 परियोजनाओ की निविदाएं पूरी की गई है, 276 परियोजनाएं दी गई है, 81 परियोजनाओं की निविदाएं अंतिम रूप में है, 149 परियोजनाएं षुरू की गई है तथा 127 का कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त 1817 करोड की लागत से मंजूर की गई आरएपीडीआरपी योजना भी कार्यान्वित की जा रही है।
राज्य के सभी गांवों का विद्युतिकरण करने में विभाग की उपलब्धत्ता के सम्बंध में सलाहकार को सूचित किया गया कि सभी 102 गैर विद्युतिकृत गांवों को 30 अप्रैल 2018 की निर्धारित समय सीमा से पहले बिजली प्रदान की गई है।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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