हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने महिलाओं की सुरक्षा एवं उनके सशक्तिकरण के लिए 10 ऐतिहासिक घोषणाएं की

चंडीगढ़, 12 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने महिलाओं की सुरक्षा एवं उनके सशक्तिकरण के लिए 10 ऐतिहासिक घोषणाएं की, जिनमें बलात्कार या छेड़छाड़ के आरोपी की सभी सुविधाएं निलम्बित करना, बलात्कार पीडि़ता को निजी वकील की सुविधा प्रदान करना, रेप केस की एक महीने व इव टीजिंग मामलों की 15 दिन में जांच, 6 नये फास्ट ट्रैक कोर्ट खोलना, महिला गवाह को अगली डेट न देना, दिन में विशेष पैट्रोलिंग, कन्या स्कूलों में वुमैन सैल्फ डिफेंस इंस्ट्रक्टर की नियुक्ति करना, छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना, रात्रि में गश्त, यौन और लैंगिक हिंसा रोकने के लिए कार्य योजना बनाना शामिल हैं।
यह घोषणाएं मुख्यमंत्री ने आज पंचकूला स्थित इंद्रधनुष सभागार में महिला सुरक्षा एवं महिला सशक्तिकरण के विषय पर आयोजित एक और सुधार कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति माता-बहन पर उंगली उठाएगा, उसकी उंगली काट ली जाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरूद्ध अपराध रोकने का हमारा इरादा तय है।
इस कार्यक्रम के समापन के बाद पत्रकारों से वार्ता के दौरान उंगली काटने के सम्बंध में पूछने पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मेरे कहने का भाव है कि कानून के अनुसार आरोपी से सख्ती से निपटा जाएगा।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दूर्गा शक्ति एप का शुभारंभ किया। उन्होंने स्कूली बच्चों को सुरक्षा के संबंध में जानकारी देने के लिए तैयार किये गए विषय ‘‘मेरी सुरक्षा-मेरी जिम्मेवारी’’ को भी लॉन्च किया, जो स्कूल में पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने दूर्गा शक्ति वाहिनी फ्लीट को झंडी दिखा कर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के लिए किये गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए 4 सशक्त महिलाओं को सम्मानित भी किया, जिनमें सिरसा, मयानाखेड़ा गांव की महिला बस ड्राइवर श्रीमती पंकज चौधरी, फरीदाबाद के धौंच गांव की पंच श्रीमती नजमा खान, झज्जर के बहारा गांव की श्रीमती कविता शर्मा, महेंद्रगढ़ जिला की श्रीमती मंजु कौशिक शामिल हैं।
उन्होने कहा कि प्रदेश में बलात्कार या छेड़छाड़ का जो भी आरोपी होगा उस के केस का निर्णय होने तक राज्य सरकार से उसे राशन के अलावा मिल रही सारी सुविधाएं जैसे कि बुढ़ापा या विकलांगता पेंशन, वजीफा, ड्राईविंग और आर्म लाईसैंस इत्यादि निलम्बित रखी जाएंगी और अगर सजा होगी तो उसकी इन सुविधाओं की पात्रता समाप्त कर दी जाएगी और यदि वह निर्दोष पाया जाता है तो उसको बंद होने की तिथि से सभी सुविधाएं का लाभ दिया जाएगा। महिला यदि महिला के खिलाफ अपराध करेगी तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई बलात्कार पीडि़ता सरकारी वकील के अलावा अपने विश्वास का कोई निजी वकील करना चाहे तो उसकी फीस के लिए 22 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सरकार द्वारा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बलात्कार और इव टीजिंग के मुकद्मों के लिए निरंतर जांच का प्रावधान हर थाने में होगा। रेप के केस में एक महीने में और इव टीजिंग के केस में 15 दिन में जांच खत्म न हुई तो जांच अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिस भी जिले में 50 से ज्यादा बलात्कार, छेड़छाड़ तथा महिलाओं को मानसिक प्रताडऩा के केस अदालतों में लम्बित हैं, वहां एक फास्ट ट्रैक कोर्ट खोले जाएंगे। प्रदेश सरकार द्वारा 6 फास्ट ट्रैक कोर्ट खोले जाने का निर्णय लिया गया है, जिनमें 2 फरीदाबाद, गुरुग्राम, पानीपत, सोनीपत व नूंह में खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय से आग्रह करेंगे कि सभी अदालतों को आदेश दें कि यदि कोई महिला गवाही के लिए अदालत में आती है तो उसे आगे की तारीख न देकर उसी दिन उसकी गवाही लिखी जाए।
उन्होंने कहा कि सभी राजकीय विद्यालयों में जहां 9वीं से 12वीं कक्षा में 50 से अधिक छात्रायें हैं उन स्कूलों में सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी। इन स्कूलों में सेल्फ डिफेंस इंस्ट्रक्टर नियुक्त किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसी गांव के 3 किलोमीटर के दायरे में कोई हाई या सीनियर सैकेंडरी स्कूल नहीं है और वहां की कोई लडक़ी 9वीं या 10वीं कक्षा में पढऩे के लिए किसी दूर के स्कूल में जाती है या कक्षा 11वीं या 12वीं में सांईंस या कॉमर्स में पढऩा चाहती है तो उसके गांव से जो स्कूल सबसे पास पड़ता है वहां तक के लिए उसे बस, छोटी बस या टैंपों इत्यादि में आने-जाने के लिए व्यवस्था सरकारी खर्च पर की जाएगी। इस व्यवस्था की मॉनिटरिंग के लिए हर संस्थान में नोडल ऑफिसर लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दो माह पहले हमने गुरुग्राम में केवल रात्रि गश्त के लिए 1000 पूर्व सैनिक भर्ती किये थे। इसके अच्छे परिणाम मिले हैं। अब प्रदेश में केवल रात्रि पैट्रालिंग के लिए 2100 नए पद स्वीकृत किये जाएंगे। इसके अलावा जिन बच्चों के माता-पिता दिन के समय कार्य पर जाते हैं, उनकी बच्चियों की सुरक्षा के लिए दिन में भी पुलिस पैट्रोलिंग की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यौन और लैंगिक हिंसा रोकने के लिए प्रदेश में कार्य योजना बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि एक और सुधार कार्यक्रम के माध्यम से आए सुझावों के अध्ययन के लिए एक टीम का गठन किया जाएगा। इस योजना का प्रारूप तैयार है और इसे अगले सप्ताह वैबसाइट पर डाल दिया जाएगा। किसी के और भी कोई सुझाव हों तो वो हमें जुलाई के में भेज सकते हैं। उन्होंने कहा कि 26 अगस्त को रक्षा बन्धन के दिन तक इस ‘राज्य व्यापक योजना’ को प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने ग्रुप सी और डी की नौकरियों के लिए इंटरव्यू खत्म करने का कानून बनाया। परीक्षा के 90 अंक हैं तो सिर्फ 10 नम्बर कुछ सामाजिक बातों के रखे हैं। इन 10 में से 5 नम्बर अगर आवेदक विधवा है या उसके बेटा व बेटी है और 5 नम्बर अगर आवेदक के परिवार में किसी और के पास सरकारी नौकरी नहीं है, को दिये जाएंगे। यदि किसी परिवार में बहन-बेटी को पहले से नौकरी मिल गई हो, लेकिन बेटियों की शादी होने के बाद इसका फायदा उसके परिवार को नहीं मिल पाता। इसलिए उस बेटी और बहन को उस शर्त से छोड़ा गया है और वह परिवार नौकरी के लिए पात्र रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सुधार कार्यक्रम की शुरुआत आमजन से सुझाव मांगने और सभी मंत्रियों एवं विभागों द्वारा प्रदेश के सुधार के लिए आपसी सहयोग से कार्य करने के उद्देश्य से की गई है। उन्होने कहा कि हरियाणा ने अपनी मेहनत देश में अलग पहचान बनाई है। परन्तु हरियाणा में महिलाओं का दर्जा बराबरी का न होने के कारण हरियाणा को हमेशा से पिछड़ा माना जाता रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ हो रहे दुव्र्यवहार को रोकने के लिए कई सख्त कदम उठाए जाने की आवश्यकता थी, परंतु इन पर कभी गंभीरता से कार्य नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 में लिंगानुपात 1000 लडक़ों पर 819 लड़कियां थी और 2011 में 830, 2014 में यह आंकड़ा 871 था। इसीलिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने हरियाणा के पानीपत से ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम’की शुरुआत की। इस अवसर पर प्रदेश सरकार ने संकल्प लिया कि लिंगानुपात में सुधार लाएंगे। आज हरियाणा में लिंगानुपात 1000 लडक़ों पर 922 लड़कियों का है और हमारा लक्ष्य इसे 950 तक ले जाने का है।
उन्होंने कहा कि 1 नवम्बर, 2014 तक कुल 152 सरकारी कॉलेज थे जबकि पिछले 44 महीनों में हमने 44 नए कालेज खोलें। इन 44 में से 29 लड़कियों के और 15 कॉएड कॉलेज हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में किसी भी लडक़ी को कॉलेज में पढऩे के लिए 20 किलोमीटर से ज्यादा दूर न जाना पड़े। इसलिए अगले साल 9 नए कॉलेज खोलेंगे और ये सभी लड़कियों के होंगे।
हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती कविता जैन ने कहा कि महिलाएं समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सभी हितधारक जैसे सरकार, परिवार और समाज को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। जब तक सभी मिलकर कार्य नहीं करेंगे तब तक महिलाओं के सशक्तिकरण का अभियान सफल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा योजना के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। हरियाणा सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा और पुलिस विभाग महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर मिलकर कार्य कर रहे हैं। प्रदेश के सभी जिलों में वनस्टॉप सेंटर तथा महिला कक्षों की स्थापना की गई है। इसके अलावा प्रदेश में 12 साल तक की बेटियों के साथ होने वाले दुष्कर्म के मामले में दोषी को फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है, जिसे अब केंद्र सरकार द्वारा भी लागू किया गया है।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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