राज्यपाल ने प्रदान किए कौशल विकास प्रशिक्षण प्रमाण पत्र

13th July 2018:राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने राजभवन शिमला में आज कौशल विकास का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कर्मियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए। हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम द्वारा आई.एल एण्ड एफ.एस के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि जिन कर्मियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है, वह उनके कार्य क्षेत्र में व्यवहारिक रूप से नजर आना चाहिए और उनके कार्य में और निखार व भिन्नता आनी चाहिए, इसे ही सही अर्थों में कौशल विकास कह सकते हैं। कुशलता व कर्म का योग ही कौशल कहलाता है। इसलिए प्रशिक्षण के माध्यम से जो कर्मचारियों ने सीखा है उसे कैसे प्रस्तुत करें, यह व्यवहार में आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर कर्मचारी को, वह चाहे किसी भी क्षेत्र में हो, अपना कार्य पूर्ण समर्पण व आत्मभाव से करना चाहिए। क्योंकि, जो व्यक्ति कर्मयोगी है उसे सभी सम्मान देते हैं। उन्होंने कौशल विकास का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी कर्मचारियों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य कर सभी के लिए उद्हारण प्रस्तुत करेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री भावी पीढ़ी को कौशल विकास से जोड़ना चाहते हैं, जिससे अभिव्यक्ति को बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर लोगों के दिलों में स्थान बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी सेवा क्षेत्र में दो तरह के व्यक्ति होते हैं। एक वे, जो अपनी कार्यकुशलता से अन्यों को प्रभावित करते हैं और दूसरे केवल समय व्यतीत करते हैं। लेकिन, कार्यकुशल व्यक्ति समाज और संस्थान के लिए मजबूत कड़ी होते हैं।
इससे पूर्व, प्रधान सचिव उद्योग, बागवानी एवं तकनीकी शिक्षा श्री आर.डी धीमान ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा कौशल विकास की दिशा में केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
राज्यपाल के सलाहकार डॉ. शशिकांत शर्मा, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक एवं कौशल विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री रोहन चंद ठाकुर, सामान्य प्रशासन के अतिरिक्त सचिव श्री मनोज तोमर, कौशल विकास निगम की महाप्रबंधक श्रीमती अनुरिता सक्सेना तथा अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

Categories: Uncategorized

cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *