प्रदेश में कृषि-आधारित और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जा रहा है ताकि किसानों के समस्त उत्पाद की खरीद सुनिश्चित की जा सके: मनोहर लाल 
चंडीगढ़, 13 जुलाई- किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने की हरियाणा सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में कृषि-आधारित और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जा रहा है ताकि किसानों के समस्त उत्पाद की खरीद सुनिश्चित की जा सके। 
श्री मनोहर लाल ने पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष श्री अनिल खेतान के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधिमंडल के साथ आज यहां भेंट के दौरान यह जानकारी दी। श्री खेतान ने हरियाणा द्वारा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में तीसरा स्थान प्राप्त करने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी।
          मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के हित में खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने की घोषणा की है। अब किसानों को अपने उत्पाद का अच्छा मूल्य मिलेगा, इसलिए वे चाहेंगे कि उनकी समस्त फसल राज्य सरकार द्वारा खरीदी जाए। उन्होंने कहा, ‘मैंने प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी को आश्वासन दिया है कि किसान की फसल का एक-एक दाना राज्य सरकार द्वारा खरीदा जाएगा। 
          राज्य के विकास और समृद्धि को बढ़ाने में औद्योगिक क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए कई पहल की हैं ताकि राज्य में औद्योगिक विकास और युवाओं के लिए रोजगार के अधिकतम अवसर सृजित करना सुनिश्चित किया जा सके। माइक्रो, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए क्लस्टर योजना पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने न केवल हरियाणा की मिनी क्लस्टर योजना की सराहना की है बल्कि अन्य राज्यों को अपनी एमएसएमई नीति तैयार करते समय हरियाणा मॉडल का अनुकरण करने को भी कहा है। 
          उन्होंने कहा कि राज्य का समान औद्योगिक विकास सुनिश्चित करने के लिए उद्योगों को गुरुग्राम के अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।  
इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा नई दिल्ली में होटल ताज पैलेस में 24 अगस्त को आयोजित आगामी स्टेट कॉन्क्लेव-2018 में मुख्य अतिथि बनने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। भेंट के दौरान यह बताया गया कि सम्मेलन में उन संभावित निवेशकों के साथ सार्थक बातचीत पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिन्होंने राज्य सरकार के साथ हरियाणा में निवेश करने में रूचि दिखाई है। सम्मेलन में उद्योग के उन कैप्टनस और निवेशकों की उपस्थिति भी दिखाई देगी, जिनके हरियाणा में पहले से ही कारोबार हैं।
यह भी बताया गया कि एचआईटीईएक्स-मेगा ट्रेड फेयर का दूसरा संस्करण गुरुग्राम में फरवरी, 2019 में आयोजित होना प्रस्तावित है। इसके अलावा, पीएचडी चैम्बर ने राज्य सरकार के सहयोग से हरियाणा के विभिन्न औद्योगिक समूहों में एमएसएमई के लिए जागरूकता संगोष्ठियों की एक श्रृंखला आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है। संगोष्ठियों का लक्ष्य राज्य में एमएसएमई के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और अन्य नीतिगत लाभों को उजागर करना है।
बैठक में मुख्य मंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह, उद्योग के निदेशक श्री अशोक सांगवान, पीएचडीसीसीआई के प्रधान निदेशक डॉ. रणजीत मेहता, पीएचडीसीसीआई की हरियाणा समिति के अध्यक्ष श्री एम.के. गुप्ता, पीएचडीसीसीआई के निदेशक ब्रिगेडियर एचपीएस बेदी, पीएचडीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक खन्ना, पीएचडीसीसीआई हरियाणा समिति के सह-अध्यक्ष श्री प्रणव गुप्ता और पीएचडीसीसीआई के आवासीय निदेशक, श्री गुरदर्शन अग्रवाल भी उपस्थित थे। 
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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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