‘टॉप अचीवर्स’ राज्यों की सूची में पहुंचा हरियाणा 
– तीन पायदान की छलांग लगा कर छठे से पहुंचा तीसरे स्थान पर
– ‘इज ऑफ डुईंग बिजनेस’ में प्रदेश में हुए कई अहम सुधार
 
चंडीगढ़, 11 जुलाई- हरियाणा में बिजनेस करने के माहौल में दिन-प्रतिदिन काफी सुधार हो रहा है। निवेश करने वाले उद्योगपतियों का रूझान हरियाणा की तरफ पहले की तुलना में कई गुणा बढ़ा है। केंद्र सरकार के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग द्वारा ‘इज ऑफ डुईंग बिजनेस’ के मामले में जो रैंकिंग जारी की गई है उसमें राज्य ने अपनी रैंकिंग में अभूतपूर्व सुधार करते हुए ‘टॉप अचीवर्स’ राज्यों की सूची में स्थान हासिल किया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार इस बार ‘इज ऑफ डुईंग बिजनेस-2017’ की रैंकिंग का मूल्यांकन करने के फार्मूले में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। रैंकिंग करते वक्त बिजनेस करने के मामले में हुए सुधार व उद्योगपतियों से मिली फीडबैक को आधार बनाकर एक स्कोर-कार्ड बनाया गया जिसमें हरियाणा ने ओवरऑल 98.07 प्रतिशत का स्कोर हासिल किया। रैंकिंग में तीन पायदान का सुधार करके हरियाणा ने छठे स्थान से तीसरे स्थान पर अपनी जगह बनाने में सफलता प्राप्त की है। 
      हरियाणा में औद्यागिक नीतियों के सरलीकरण से व्यवसाय करने का माहौल निरंतर उत्कृष्टï बन रहा है। आज परिणामस्वरूप हरियाणा ‘इज ऑफ डूईंग बिजिनेस’ के मामले में देश भर में ‘टॉप अचीवर्स’ राज्यों की सूची में पहुंच गया है। मात्र एक साल में छठे स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंचना बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। 
पिछले तीन साल में राज्य सरकार की अनूठी उद्यमी प्रोत्साहन नीति-2015 से बुनियादी ढ़ांचा सुदृढ़ हुआ है और उद्योगों में रोजगार के अधिक अवसर सृजित हुए हैं। हरियाणा में निवेशकों को और अधिक आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार ने फरवरी- 2017 में हरियाणा उद्योग प्रोत्साहन केन्द्र नामक ‘सिंगल रूफ  मैकेनिज्म’ की स्थापना की। एकल खिडक़ी की अवधारणा के साथ औद्योगिक विभाग ने और कई कदम उठाए। सभी औद्योगिक स्वीकृृतियां/लाइसेंस देने के लिए एकल कार्यालय की परिकल्पना करने वाला हरियाणा भारत का एकमात्र राज्य है। एकल कार्यालय के माध्यम से सभी औद्योगिक स्वीकृृतियां समयबद्ध तरीके से ऑनलाइन दी जा रही हैं, व्यक्तिगत रूप से कार्यालय जाकर आवेदन करने की अब जरूरत नहीं। अगर ऑनलाइन आवेदन के बाद अधिकतम 45 दिन में कोई बिजिनेस क्लीयरनेंस नहीं होती है तो उस आवेदन की स्वत: क्लीयरनेंस मानी जाएगी। 
उद्योगपतियों को सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं की फीडबैक देने के लिए नया ‘रैपिड एसेसमैंट सिस्टम’ शुरू किया गया जिसकी काफी प्रशंसा हुई। औद्योगिक प्लाटों की बिल्डिंग प्लान में प्रमाण-पत्र लेने के लिए पहले कई औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थी,परंतु राज्य सरकार ने सरलीकरण करते हुए ‘हरियाणा कॉमन बिल्डिंग कोड-2017’ के अनुसार सभी औद्योगिक प्लाटों को स्वत:-प्रमाणित करने की सुविधा शुरू कर दी जिसका उद्योग-जगत में खासा स्वागत हुआ है। इसी प्रकार 10 श्रम कानूनों का एक साथ निरीक्षण करने के लिए नियम बनाया जिससे उद्योगपतियों को इंस्पैक्टरी से मुक्ति मिली। 
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने कहा
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि केंद्र सरकार के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग द्वारा ‘इज ऑफ डूईंग बिजनेस’ के मामले में देश के राज्यों की रैंकिंग में प्रदेश को तीसरा स्थान मिला है जो कि प्रदेश के लिए गौरव की बात है। पिछले साल हम छठे स्थान पर थे। एक साल में हरियाणा सरकार द्वारा उद्योगपतियों के हित में बिजनेस करने के मामले में कई अहम सुधार किए गए।  
श्री गोयल ने बताया कि प्रदेश में बिजनेस करने के लिए पहले की तुलना में बहुत अच्छा माहौल बना है और सुधारों की निरंतरता बनाए रखते हुए राज्य को अब ‘इज ऑफ डुईंग बिजनेस’ के मामले में टॉप लेवल पर ले जाना है ताकि प्रदेश में निरंतर निवेश बढ़ता रहे।
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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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